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बिहार में 2400 MW का नया पावर प्रोजेक्ट, अडानी ग्रुप की कंपनी को मिला ठेका

अडानी पावर की यह नई परियोजना बिहार के ऊर्जा ढांचे को नई दिशा देगी. राज्य की बढ़ती बिजली मांग, औद्योगिक विस्तार और रोजगार सृजन के दृष्टिकोण से भागलपुर बिजलीघर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago

बिहार में ऊर्जा क्षेत्र को बड़ी मजबूती मिलने जा रही है. राज्य सरकार ने प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के बाद 2,400 मेगावाट की भागलपुर ताप बिजली परियोजना का ठेका गौतम अडानी की कंपनी अडानी पावर लिमिटेड (Adani Power) को दे दिया है. अनुमान है कि 2034-35 तक राज्य की बिजली मांग दोगुनी होकर 17,000 मेगावाट से अधिक पहुंच जाएगी, ऐसे में यह परियोजना राज्य के ऊर्जा ढांचे के लिए अहम साबित होगी.

अडानी पावर ने लगाई सबसे कम बोली

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अडानी पावर ने इस परियोजना के लिए 6.075 रुपये प्रति यूनिट की दर पर बोली लगाई थी, जो बाकी तीन दावेदारों टोरेंट पावर, जेएसडब्ल्यू एनर्जी और ललितपुर पावर जनरेशन से कम रही. इस दर में 4.165 रुपये प्रति यूनिट का स्थायी शुल्क और 1.91 रुपये प्रति यूनिट का ईंधन शुल्क शामिल है. राज्य सरकार ने इसे अत्यंत प्रतिस्पर्धी दर बताया है और कहा कि हाल ही में मध्य प्रदेश की समान परियोजना में स्थायी शुल्क 4.222 से 4.298 रुपये प्रति यूनिट के बीच था.

बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने की तैयारी

बिहार सरकार का कहना है कि यह परियोजना राज्य की बढ़ती बिजली जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है. वर्तमान में राज्य की कुल बिजली खपत तेजी से बढ़ रही है और 2034-35 तक यह 17,000 मेगावाट से अधिक होने का अनुमान है. नई यूनिट से न केवल घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं की मांग पूरी होगी, बल्कि बिजली आपूर्ति भी स्थिर बनी रहेगी.

अन्य कंपनियों की बोलियां

प्रतिस्पर्धा में शामिल अन्य कंपनियों ने इस प्रकार की बोलियां दीं.

- टोरेंट पावर: 6.145 रुपये प्रति यूनिट.
- ललितपुर पावर जनरेशन: 6.165 रुपये प्रति यूनिट.
- जेएसडब्ल्यू एनर्जी: 6.205 रुपये प्रति यूनिट.

सभी बोलियों का मूल्यांकन ई-बोली प्रणाली के माध्यम से किया गया ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रहे.

30,000 करोड़ रुपये का निवेश, बढ़ेगा रोजगार

भागलपुर ताप बिजली परियोजना में करीब 30,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है. अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना से राज्य में औद्योगिक गतिविधि बढ़ेगी और हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा. इससे बिहार के पूर्वी इलाकों में बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी.

जमीन राज्य सरकार की, कोई विशेष छूट नहीं

परियोजना के लिए तय की गई जमीन राज्य सरकार की स्वामित्व वाली है, जिसे बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2025 के तहत किराये पर दिया गया है. परियोजना की अवधि पूरी होने पर यह जमीन दोबारा राज्य सरकार के पास लौट आएगी. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अडानी पावर को इस प्रोजेक्ट में कोई विशेष रियायत नहीं दी गई है और कंपनी को ही इसका विकास और संचालन करना होगा.

2012 में हुई थी पहली घोषणा

भागलपुर ताप बिजली परियोजना का विचार पहली बार 2012 में बिहार राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड ने रखा था. निवेशकों की कमी के कारण यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी. बाद में 2024 में इसे फिर से शुरू किया गया और अब इसे अडानी पावर के माध्यम से अमल में लाने की मंजूरी मिल गई है.

 


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