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केंद्र सरकार का बड़ा कदम, LPG पर निर्भरता घटाने और घर-घर इंडक्शन बढ़ाने की तैयारी
अधिकारियों ने पेट्रोकेमिकल उत्पादों और एलपीजी आपूर्ति श्रृंखला की समीक्षा भी की, क्योंकि मध्य पूर्व में संघर्ष लंबे समय तक जारी रहने पर इनकी उपलब्धता प्रभावित हो सकती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ऊर्जा कीमतों में उछाल के बीच, भारतीय सरकार पारंपरिक गैस आधारित कुकिंग सिस्टम पर निर्भरता कम करने और घरेलू स्तर पर इंडक्शन हीटर और संबंधित कुकिंग उपकरण के उत्पादन को बढ़ाने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है. यह रणनीति घरेलू ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और एलपीजी पर दबाव कम करने के उद्देश्य से बनाई गई है.
DPIIT ने रणनीति पर बैठक की
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने इंडक्शन हीटर और संबंधित बर्तनों (cookware) के उत्पादन को बड़े पैमाने पर बढ़ाने के लिए एक उच्चस्तरीय अंतर-मंत्रालयी बैठक आयोजित की. बैठक में DPIIT सचिव अमरदीप सिंह भाटिया, पावर सचिव पंकज अग्रवाल और DGFT प्रमुख लव अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे. बैठक का मुख्य उद्देश्य इंडक्शन आधारित उपकरणों और उनसे जुड़ी क्रॉकरी की पूरी मैन्युफैक्चरिंग चेन को गति देना और घरेलू उत्पादन बढ़ाना था. साथ ही, पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) अपनाने को बढ़ावा देने के उपाय भी चर्चा में रहे, ताकि भविष्य में एलपीजी की जरूरतों पर दबाव कम किया जा सके.
सुरक्षा समिति की बैठक के बाद यह कदम
यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक के बाद उठाया गया है. बैठक में भारत में कृषि, उड्डयन, शिपिंग, लॉजिस्टिक्स और MSME सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर पश्चिम एशिया संघर्ष के संभावित प्रभाव का आकलन किया गया. प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों को “भविष्य को देखते हुए आज ही योजना बनाने” का निर्देश दिया, ताकि अनिश्चित भू-राजनीतिक परिस्थितियों से नागरिकों को सुरक्षित रखा जा सके और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित हो.
घरेलू ऊर्जा विकल्पों पर ध्यान
सरकार ने घरेलू ऊर्जा खपत के दबाव को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक कुकिंग और इंडक्शन आधारित कुकिंग को बढ़ावा देने का विकल्प अपनाया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय PNG कवरेज को बढ़ाने के उपाय कर रहा है, ताकि एलपीजी पर निर्भरता कम हो और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल मौजूदा एलपीजी संकट से निपटने में मदद करेगा, बल्कि दीर्घकाल में भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा.
सप्लाई चेन और LPG उपलब्धता पर ध्यान
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने LPG की आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों पर चिंता जताई है. मंत्रालय के अनुसार, केवल 17 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश ही नियमित प्रेस ब्रीफिंग आयोजित कर रहे हैं. केंद्र ने सभी राज्यों और UT प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे सही जानकारी समय पर साझा करें, ताकि गलत सूचना का मुकाबला किया जा सके और पैनिक बायिंग या जमाखोरी रोकी जा सके. अधिकारियों ने पेट्रोकेमिकल उत्पादों और एलपीजी आपूर्ति श्रृंखला की समीक्षा भी की, क्योंकि मध्य पूर्व में संघर्ष लंबे समय तक जारी रहने पर इनकी उपलब्धता प्रभावित हो सकती है.
भारत सरकार की यह योजना एलपीजी पर निर्भरता कम करने, घरेलू इंडक्शन उत्पादन बढ़ाने और PNG कवरेज फैलाने पर केंद्रित है. इससे न केवल वर्तमान ऊर्जा संकट से निपटने में मदद मिलेगी, बल्कि लंबे समय में नागरिकों के लिए ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू कुकिंग विकल्पों की स्थिरता भी सुनिश्चित होगी.
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