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सोलेक्स एनर्जी का बड़ा कदम: रियर कॉन्टैक्ट सोलर मॉड्यूल ‘तापी’ से भारत बनेगा सोलर टेक्नोलॉजी हब

सोलेक्स एनर्जी और आईएससी कोंस्टांज की साझेदारी भारत के सौर ऊर्जा क्षेत्र को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago

भारत के सौर ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सोलेक्स एनर्जी लिमिटेड (Solex Energy Limited) ने जर्मनी की आईएससी कोंस्टांज (ISC Konstanz) के साथ अनुसंधान एवं विकास (R&D) और तकनीकी सहयोग के लिए एक रणनीतिक साझेदारी (MoU) की घोषणा की है. इस साझेदारी का उद्देश्य अगली पीढ़ी की सौर तकनीकों रियर कॉन्टैक्ट और सी-एसआई टैंडम/पेरोव्स्काइट को भारत में विकसित करना है. इस करार की घोषणा नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई, जिसमें सोलेक्स एनर्जी और आईएससी कोंस्टांज के वरिष्ठ प्रतिनिधि, उद्योग विशेषज्ञ और निवेशक शामिल हुए.

भारत में सोलर मैन्युफैक्चरिंग का नया अध्याय

आईएससी कोंस्टांज, सोलेक्स एनर्जी को उसकी नई टॉपकॉन सेल लाइन को अपग्रेड करने और अत्याधुनिक तकनीकी समाधान अपनाने में सहायता करेगा. यह सहयोग भारत में उच्च दक्षता और स्वदेशी सोलर मैन्युफैक्चरिंग को गति देगा.

सोलेक्स एनर्जी लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. चेतन शाह ने कहा, “यह साझेदारी सोलेक्स की वैश्विक नेतृत्व यात्रा में एक निर्णायक मोड़ है. हमारे विज़न 2030 के तहत हम भारत को सोलर इनोवेशन के केंद्र में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हमारा लक्ष्य ₹1 लाख करोड़ का वैल्यूएशन, 1.5 बिलियन डॉलर का निवेश और 25,000 उच्च कुशल कर्मचारियों की टीम के साथ भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता को साकार करना है.”

भारत का पहला रियर कॉन्टैक्ट सोलर मॉड्यूल ‘तापी’ लॉन्च

इसी कार्यक्रम में सोलेक्स एनर्जी ने भारत के पहले रियर कॉन्टैक्ट सोलर मॉड्यूल ‘तापी रियर कॉन्टैक्ट (Tapi Rear Contact – TRC)’ का अनावरण किया. यह तकनीक भारत में सौर ऊर्जा दक्षता के नए मानक स्थापित करने जा रही है. ‘तापी’ नामक यह इनोवेशन, एडवांस N-type Rear Contact Technology पर आधारित है और इसमें शून्य फ्रंट शेडिंग के साथ 24.6% तक की दक्षता तथा 665W तक का पावर आउटपुट संभव है. कंपनी ने बताया कि इसका वाणिज्यिक उत्पादन वित्त वर्ष 2027 तक शुरू हो जाएगा.

आईएससी कोंस्टांज: “किफायती और स्वच्छ सौर ऊर्जा हमारा मिशन”

आईएससी कोंस्टांज के स्ट्रैटेजी और एजुकेशन प्रमुख डॉ. कोपेसेक राडोवन ने कहा, “हम 2005 से लगातार फोटोवोल्टिक दक्षता बढ़ाने और लागत कम करने के लिए काम कर रहे हैं. हमारा लक्ष्य वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर स्वच्छ सौर ऊर्जा को सभी के लिए सुलभ और किफायती बनाना है. सोलेक्स एनर्जी के साथ यह साझेदारी उस दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.”

सोलेक्स का विज़न 2030: तकनीकी नेतृत्व और वैश्विक विस्तार

सोलेक्स एनर्जी का लक्ष्य 2030 तक 10 गीगावाट सोलर मॉड्यूल और 10 गीगावाट सोलर सेल उत्पादन क्षमता स्थापित करना है. यह न केवल भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाएगा बल्कि वैश्विक स्तर पर “Make in India for the World” की भावना को सशक्त करेगा.

डॉ. शाह ने आगे कहा, “हमारा फोकस सिर्फ उत्पादन क्षमता पर नहीं, बल्कि दक्षता, विश्वसनीयता और प्रदर्शन में बेजोड़ मूल्य देने पर है. आईएससी कोंस्टांज के साथ साझेदारी हमें भारत, यूरोप और अमेरिका में अपनी वैश्विक उपस्थिति को मजबूत करने में मदद करेगी.”

REI एक्सपो 2025 में दिखेगी तकनीकी ताकत

सोलेक्स ने घोषणा की कि कंपनी 30 अक्टूबर 2025 से ग्रेटर नोएडा में शुरू होने वाले रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया (REI) एक्सपो में अपनी नवीनतम तकनीकों का प्रदर्शन करेगी. तापी रियर कॉन्टैक्ट मॉड्यूल को विजिटर्स हॉल 11, बूथ R318 पर देख सकेंगे.

एनएसई मेन बोर्ड पर सूचीबद्धता: विकास की नई पहचान

हाल ही में सोलेक्स एनर्जी लिमिटेड ने NSE Emerge से NSE Main Board में स्थानांतरित होकर अपनी विकास यात्रा में एक और मील का पत्थर हासिल किया है. यह कदम कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, पारदर्शिता और निवेशकों के भरोसे को और सुदृढ़ करता है.


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