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भारत के सॉफ्ट ड्रिंक मार्केट में बड़ा उलटफेर: कैंपा और लाहौरी जीरा ने कोक–पेप्सी की वर्षों पुरानी पकड़ हिलाई
कैंपा और लाहौरी जीरा की आक्रामक मौजूदगी ने संकेत दे दिया है कि भारत का सॉफ्ट ड्रिंक मार्केट अब पहले जैसा नहीं रहेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 7 months ago
भारत का 60,000 करोड़ रुपए का सॉफ्ट ड्रिंक बाजार इस साल बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। जहां सालों से कोका-कोला और पेप्सीको जैसे ग्लोबल दिग्गज लगभग एकतरफा राज करते आए थे, वहीं घरेलू ब्रांड कैंपा और लाहौरी जीरा ने अचानक तेज उछाल लेते हुए मार्केट में नई हलचल मचा दी है. इन ब्रांडों ने न सिर्फ अपनी मौजूदगी मजबूत की है, बल्कि बड़े खिलाड़ियों की मार्केट शेयर को भी सीधे चुनौती दी है. तेज विस्तार, आक्रामक मार्केटिंग और उपभोक्ताओं की बदलती पसंद ने मिलकर सॉफ्ट ड्रिंक इंडस्ट्री में एक नया पावर शिफ्ट पैदा कर दिया है.
कैंपा और लाहौरी जीरा की तेज बढ़त
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नीलसनI के ताजा आंकड़ों में खुलासा हुआ है कि 2025 की जनवरी से सितंबर के बीच छोटे और नए खिलाड़ियों की संयुक्त बाजार हिस्सेदारी 7% से बढ़कर 15% हो गई है. इसके सीधे प्रभाव से कोक और पेप्सी की संयुक्त हिस्सेदारी 93% से घटकर 85% पर आ गई. दिलचस्प बात यह है कि ये बढ़त तब दर्ज हुई जब नए ब्रांड अभी राष्ट्रीय स्तर पर पूरी तरह विस्तार भी नहीं कर पाए हैं, और गर्मियों में भारी बारिश के चलते सेल्स पर असर भी पड़ा.
रिलायंस की एंट्री ने बढ़ाई हलचल
कैंपा कोला को 2022 में खरीदकर 2023 में री-लॉन्च करने वाली रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) लगातार आक्रामक रणनीति पर काम कर रही है.
1. IPL में “को-पावर्ड बाय” स्पॉन्सरशिप.
2. एक्टर राम चरण को ब्रांड एंबेसडर बनाना.
3. हैदराबाद मेट्रो से वेंडिंग और रिटेल साझेदारी.
4. मोटरस्पोर्ट टीम के साथ कैंपा एनर्जी ड्रिंक को प्रमोट करने का करार.
इन लगातार पहलों ने कैंपा की मार्केट मौजूदगी को तेजी से मजबूत किया है.
लाहौरी जीरा का नेशनल प्लान
पंजाब के फतेहगढ़ साहिब से शुरू हुआ लाहौरी जीरा अब देशभर में अपनी पकड़ बढ़ाने की तैयारी में है. सह-संस्थापक निखिल डोडा के अनुसार, ब्रांड अगले वर्ष 80–90% भारतीय पिन कोड तक पहुंचने की योजना बना रहा है. कंपनी अपने तीसरे प्लांट की स्थापना (लखनऊ में), इंस्टीट्यूशनल सेल्स पर फोकस और नए वेरिएंट लाहौरी आमरस, मसाला कोला लाने की तैयारी कर रही है. वर्तमान में इनके पास 2,500 से अधिक डिस्ट्रीब्यूटर हैं.
कोक–पेप्सी की रणनीति में बदलाव
कैंपा और लाहौरी के बढ़ते दबाव ने दिग्गज कंपनियों को भी अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर किया है. कोका-कोला और पेप्सीको ने अब अपने प्रमुख ब्रांड कोक, थम्स अप, स्प्राइट, गेटोरेड और पेप्सी के 10 रुपए प्राइस पॉइंट पर नए पैक्स लॉन्च किए हैं, जो पहले महंगे हुआ करते थे. विश्लेषकों का कहना है कि यह पहली बार है जब घरेलू और क्षेत्रीय ब्रांडों ने वैश्विक कंपनियों के एकाधिकार को हिलाने में इतनी सफलता हासिल की है.
पेप्सिको के सबसे बड़े बॉटलिंग पार्टनर, वरुण बेवरेजेस के चेयरमैन रवि जयपुरिया का कहना है कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा उद्योग के लिए लंबी अवधि में फायदेमंद होगी. हालांकि अल्पकाल में असर दिख सकता है, लेकिन इससे मार्केट विस्तार तेज़ होने की उम्मीद है.
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