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पंप एंड डंप’ स्कैम्स पर लगेगा ब्रेक, सेबी लाएगा एडवांस एनालिटिक्स टूल
एडवांस एनालिटिक्स टूल और प्रेडिक्टिव मॉनिटरिंग जैसे उपायों से सेबी ट्रेडिंग फ्रॉड जैसे पंप-एंड-डंप और कॉल-पुट ऑप्शन जैसी गड़बड़ियों को शुरुआती स्तर पर ही पकड़ने में सक्षम होगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) अब कॉल-पुट ऑप्शन और पंप-एंड-डंप जैसी ट्रेडिंग धोखाधड़ियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी में है. ऐसे फर्जीवाड़ों को जल्दी पकड़ने के लिए सेबी एक एडवांस एनालिटिक्स टूल विकसित कर रहा है, जो मार्केट की निगरानी को और प्रभावी बनाएगा और निवेशकों की सुरक्षा को मजबूत करेगा. यह जानकारी सेबी के चेयरमैन तुहिन कांता पांडेय ने बीएसई ब्रोकर्स फोरम (BBF) के एक कार्यक्रम में कहीं.
तुहिन कांता पांडेय उन्होंने कहा कि रेगुलेटर अब रिएक्टिव सुपरविजन से आगे बढ़कर प्रेडिक्टिव ओवरसाइट पर काम कर रहा है. इसके लिए सेबी ने अपने डेटा वेयरहाउस सिस्टम को अपग्रेड किया है, जिससे ट्रेडिंग में गड़बड़ियों और असामान्य गतिविधियों को तेज़ी से पहचाना जा सकेगा.
फ्रॉड पैटर्न पकड़ने में मदद करेगी नई तकनीक
पांडेय ने बताया कि पंप-एंड-डंप स्कीम्स एक तयशुदा पैटर्न का पालन करती हैं, जिन्हें डेटा एनालिसिस और एल्गोरिदमिक ट्रैकिंग से पकड़ा जा सकता है. सेबी के कई पुराने आदेशों में ऐसे पैटर्न साफ दिखाई दिए हैं. नई तकनीक से इन मामलों को पहले ही चरण में पकड़ना आसान होगा, जिससे सेबी तेजी से कार्रवाई कर सकेगा.
इसके साथ ही सेबी डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट्स (DPs) के लिए एक सेफ्टी नेट सिस्टम लाने की योजना पर भी काम कर रहा है. अगर किसी डीपी को तकनीकी दिक्कत या सर्वर आउटेज का सामना करना पड़े, तो समस्या को डिपॉजिटरी स्तर पर ही संभाला जा सकेगा, जैसा सुरक्षा सिस्टम स्टॉक ब्रोकर्स के लिए मौजूद है.
कैश और डेरिवेटिव मार्केट को मजबूत बनाने पर जोर
सेबी प्रमुख ने कहा कि भारत के कैश इक्विटी मार्केट में रोजाना ट्रेडिंग वॉल्यूम पिछले तीन साल में दोगुना होकर ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा हो गया है, जो पूंजी निर्माण के लिए एक मजबूत आधार है. उन्होंने बताया कि सेबी सिक्योरिटी लेंडिंग एंड बॉरोइंग मैकेनिज्म (SLBM) की समीक्षा करने जा रहा है ताकि जोखिम प्रबंधन को और बेहतर बनाया जा सके. इसके अलावा, साप्ताहिक डेरिवेटिव एक्सपायरी से जुड़े नियम भी डेटा एनालिसिस और मार्केट कंसल्टेशन के आधार पर तय किए जाएंगे.
साइबर फ्रॉड और फिनफ्लुएंसर्स पर सख्ती
पांडेय ने बताया कि सेबी स्टॉक ब्रोकर्स के लिए नियमों को आसान और कम खर्चीला बनाने पर काम कर रहा है. संबंधित प्रस्तावों को सितंबर तक सेबी बोर्ड के सामने मंजूरी के लिए रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड्स और अनरजिस्टर्ड फिनफ्लुएंसर्स से निवेशकों को बचाना सेबी की शीर्ष प्राथमिकता है. इसके लिए सेबी मार्केट संस्थानों और इंटरमीडियरीज के साथ मिलकर कदम उठा रहा है ताकि निवेशकों को भ्रामक जानकारी और ऑनलाइन ठगी से बचाया जा सके.
सुरक्षित और पारदर्शी बाजार की दिशा में बड़ा कदम
सेबी के एडवांस एनालिटिक्स टूल और प्रेडिक्टिव मॉनिटरिंग सिस्टम के साथ भारतीय शेयर बाजार एक नए युग में प्रवेश कर रहा है. यह तकनीक बाजार को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और डेटा-ड्रिवन बनाएगी. इससे न केवल फर्जीवाड़ों पर लगाम लगेगी बल्कि निवेशकों का भरोसा भी और मजबूत होगा, जिससे भारत का पूंजी बाजार और स्थिर व सशक्त बन सकेगा.
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