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लूम सोलर का यूटिलिटी-स्केल सौर ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा कदम: चार राज्यों में सफलतापूर्वक 18 मेगावाट की परियोजनाएं कमीशन
लूम सोलर का यूटिलिटी-स्केल सौर ऊर्जा क्षेत्र में प्रवेश भारत की नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा में एक अहम मील का पत्थर है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
भारत की सबसे तेजी से बढ़ती सोलर एनर्जी स्टार्टअप कंपनियों में से एक लूम सोलर ने आज यूटिलिटी-स्केल सोलर सेक्टर में अपने रणनीतिक विस्तार की घोषणा की है. कंपनी ने तमिलनाडु में 8 मेगावाट, मध्य प्रदेश में 5.3 मेगावाट, उत्तराखंड में 1.1 मेगावाट और राजस्थान में 3.5 मेगावाट क्षमता वाले यूटिलिटी-स्केल सोलर पावर प्लांट्स का सफलतापूर्वक कमीशनिंग पूरा कर लिया है. इन परियोजनाओं के जरिए लूम सोलर ने यह साबित किया है कि वह देश के अलग-अलग क्षेत्रों में विश्वसनीय, स्केलेबल और टिकाऊ ऊर्जा समाधान देने में सक्षम है. यह कदम भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्रांति को तेज करने और देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने के मिशन को समर्थन देता है.
इस रणनीतिक पहल के तहत, कंपनी ने यूटिलिटी-स्केल बाजार की उभरती जरूरतों को पूरा करने के लिए दोतरफा योजना प्रस्तुत की है. इसमें बड़े पैमाने पर फोटावोल्टिक (PV) सौर पैनलों की स्थापना के साथ-साथ बैटरी एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशन्स को एकीकृत किया जाएगा, ताकि ग्रिड की स्थिरता सुनिश्चित की जा सके. भारत की प्रति व्यक्ति बिजली खपत जो वित्त वर्ष 2024 में 1,395 kWh थी, उसके 2047 तक 3,675 kWh तक पहुंचने का अनुमान है. इस स्थिति को देखते हुए लूम सोलर अब यूटिलिटी-स्केल अनुप्रयोगों के लिए समग्र सोलर समाधानों के साथ-साथ उन्नत ऊर्जा भंडारण प्रणालियों को भी जोड़ने पर ध्यान केंद्रित कर रही है.
लूम सोलर के सह-संस्थापक और निदेशक अमोध आनंद ने कहा, "भारत की ऊर्जा ग्रिड का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि वह बड़े पैमाने पर नवीकरणीय स्रोतों को कितनी सहजता से एकीकृत कर सकता है. भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और 2070 तक नेट जीरो हासिल करने की महत्वाकांक्षाएं सिर्फ लक्ष्य नहीं हैं, बल्कि हमारे आर्थिक भविष्य की नींव हैं."
उन्होंने आगे कहा, "हमारी रणनीति एक सरल लेकिन शक्तिशाली सिद्धांत पर आधारित है एक सौर संयंत्र उतना ही मजबूत होता है जितना कि वह लगातार और भरोसेमंद बिजली प्रदान कर सके. हमारे हाई एफिशिएंसी सोलर मॉड्यूल्स को उन्नत बैटरी स्टोरेज समाधानों के साथ जोड़कर हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उत्पन्न की गई हर यूनिट ऊर्जा राष्ट्रीय ग्रिड के लिए एक स्थिर और लचीला संसाधन बने. हम केवल सोलर प्लांट नहीं बना रहे हैं, बल्कि भारत के लिए एक अधिक मज़बूत, स्वच्छ और भविष्य के लिए तैयार ऊर्जा आधारभूत ढांचा तैयार कर रहे हैं."
लूम सोलर यूटिलिटी, उद्योगों और समुदायों को भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए सक्षम बनाकर, देश की घरेलू क्लीन-टेक अग्रणी कंपनी के रूप में अपनी भूमिका को मजबूती से दोहरा रही है.
कंपनी की इस रणनीति को उसके मजबूत विनिर्माण क्षमताओं का भी समर्थन प्राप्त है. इसमें 1.2 गीगावाट की प्रस्तावित पीवी मॉड्यूल फैक्ट्री और 100 मेगावाट की इनवर्टर और बैटरी निर्माण क्षमता शामिल है. लूम सोलर का यह फुल-स्टैक अप्रोच, IoT और AI एकीकरण के साथ मिलकर, सोलर समाधानों की पारंपरिक परिभाषा को बदल रहा है, अब यह सिर्फ हार्डवेयर की बिक्री नहीं, बल्कि एक संपूर्ण और बुद्धिमान ऊर्जा इकोसिस्टम है.
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