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ऐसा क्या हुआ कि चीनी कंपनी ‘ग्रेट वॉल मोटर्स’ ने भारत में निवेश को लेकर बदला मन?
ग्रेट वॉल मोटर्स ने भारत में अपना ऑफिस बंद कर दिया है और आखिरी 11 कर्मचारियों की भी छुट्टी कर दी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
ऑटोमोबाइल सेक्टर में नई नौकरियों के साथ ही कंज्यूमर्स को कुछ नए कार ऑप्शन की संभावनाएं खत्म हो गई हैं. इसकी वजह है चीन की SUV बनाने वाली कंपनी ग्रेट वॉल मोटर्स (Great Wall Motors-GWM) की भारत में निवेश की योजना रद्द करना. हालांकि, कंपनी पूरे जोर-शोर से भारतीय बाजार में अपनी एंट्री के प्रयास कर रही थी, लेकिन अब उसने इरादा बदल दिया है. GWM ने भारत में अपना ऑफिस बंद कर दिया है और आखिरी 11 कर्मचारियों की भी छुट्टी कर दी है.
इसलिए बदला मन
चीनी कंपनी ने निकाले गए कर्मचारियों को तीन महीने का सेवरेंस पैकेज और छह महीने की वेरिएबल पे भी दी है. अब सवाल यह उठता है कि आखिर भारतीय बाजार में संभावनाएं देखने वाली चीनी कंपनी को एकदम से ऐसा क्या हुआ कि उसने भारत में निवेश की योजना ही रद्द कर दी. दरअसल, GWM ढाई साल से एफडीआई क्लीयरेंस (FDI clearance) का इंतजार कर रही थी, जब इसमें सफलता नहीं मिली तो उसने अपना मन बदल दिया.
क्या है FDI?
FDI का मतलब होता है, फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट या प्रत्यक्ष विदेशी निवेश. यह वो निवेश होता है जो किसी एक देश की कंपनी या व्यक्ति दूसरे देश में करते हैं. चीन से बढ़ते तनाव के बीच सरकार ने 2020 में कानून में संशोधन किया था. जिसके अनुसार, पड़ोसी देशों से भारतीय कंपनियों में एफडीआई निवेश के लिए अब सरकारी अनुमति की आवश्यकता होगी. यह उन सभी देशों पर लागू होगा जो चीन के साथ - भारत के साथ भूमि सीमा साझा करते हैं.
जनरल मोटर्स को भी झटका
ग्रेट वॉल मोटर ने 2020 में अमेरिकी कंपनी जनरल मोटर्स के पुणे के तालेगांव प्लांट को खरीदने के लिए एक एग्रीमेंट किया था. जनरल मोटर्स पहले ही भारत से अपना कारोबार समेट चुकी है. चीनी कंपनी ने 2020 में ऑटो एक्सपो में भी हिस्सा लिया था. इसके बाद माना जा रहा था कि GWM जल्द ही भारत में अपनी कार लॉन्च करेगी. GMW के अपनी भारत योजना को रद्द करने से जनरल मोटर्स को अब अपने प्लांट को बेचने के लिए दूसरे खरीदार खोजने पड़ेंगे.
एक दशक के प्रयास का अंत
एक रिपोर्ट के अनुसार, ग्रेट वॉल करीब एक दशक से भारत में एंट्री की संभावनाएं तलाश रही थी. उसने सबसे पहले 2014-15 में कोशिश की फिर 2017 में और आखिर में 2020 में जनरल मोटर्स के तालेगांव प्लांट को खरीदने के लिए एक टर्म शीट साइन करके भारत में निवेश के अपने इरादे को दर्शाया. कंपनी भारत में एक अरब डॉलर का निवेश करना चाहती थी, उसने 30,000 लोगों को रोजगार देने की योजना भी बनाई थी.
इनकी योजना भी विफल
ग्रेट वॉल मोटर्स ने भारत के साथ ही थाईलैंड और ब्राजील में उतरने की योजना बनाई थी. कंपनी ने थाईलैंड और ब्राजील में कामकाज शुरू कर दिया है, लेकिन भारत को लेकर उसकी योजना अमल में नहीं आ पाई. वैसे, GWM के अलावा, चीन की Changan, Haima और Chery ने भी भारत में एंट्री की योजना बनाई थी, मगर सफल नहीं हुईं.
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