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भारत को लेकर बड़ा कदम उठाने वाली है ये दिग्गज ऑटो कंपनी, जानें क्या है पूरा प्लान
भारत के मजबूत होते ऑटो बाजार का लाभ उठाने के लिए कई विदेशी कंपनियां यहां का रुख कर रही हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी फॉक्सवैगन (Volkswagen) भारत में अपने कारोबार को लेकर बड़ा फैसला करने वाली है. जर्मनी की यह कंपनी पिछले काफी समय से भारत में मौजूद है, और अब वह अपने भारतीय कारोबार में हिस्सेदारी बेचने का मन बना रही है. फॉक्सवैगन ने इसके लिए एक स्थानीय पार्टनर से बातचीत भी शुरू कर दी है. हालांकि, उस संभावित पार्टनर का नाम अब तक सामने नहीं आया है. गौरतलब है कि MG भी अपने भारतीय कारोबार की कुछ हिस्सेदारी JSW समूह को बेच चुकी है.
अब तक इतना किया निवेश
फॉक्सवैगन ने भारतीय बाजार में अपने पैर ज़माने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जर्मन कंपनी अब तक दो अरब डॉलर से अधिक का निवेश कर चुकी है, लेकिन इसके बावजूद उसे मनमाफिक परिणाम नहीं मिले हैं. इसलिए कंपनी अपने भारतीय कारोबार में हिस्सेदारी बेचने जा रही है. फॉक्सवैगन ने अब तक भारत में अपनी महंगी यूरोपीय गाड़ियों को ही लॉन्च किया जा है. अब कंपनी नई सस्ती कारों को बाजार में लाने पर भी विचार कर रही है.
कम टैक्स की दरकार
कंपनी यह भी चाहती है कि भारत में हाइब्रिड कारों पर टैक्स की दरें कम होनी चाहिए. रिपोर्ट में स्कोडा ऑटो के ग्लोबल सीईओ क्लॉस जेलमर के बयान का भी हवाला दिया गया है. क्लॉस भारत में फॉक्सवैगन समूह के इन्वेस्टमेंट और स्ट्रेटेजी प्रमुख भी हैं. उनका कहना है कि हम 20 से अधिक वर्षों से भारत में हैं. हालांकि, हमें मनमाफिक परिणाम प्राप्त नहीं हुए हैं. इसलिए, अब हम एक नया रास्ता आजमाने पर विचार कर रहे हैं. मुझे विश्वास है कि यदि हमें सही साझेदार मिल जाए, तो हम एक-दूसरे से सीख सकते हैं और लाभ उठा सकते हैं.
M&M बन सकती है पार्टनर
अभी यह साफ नहीं हुआ है कि फॉक्सवैगन किस भारतीय कंपनी को पार्टनर के रूप में देखती है, लेकिन माना जा रहा है कि कंपनी भारत में महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) से हाथ मिला सकती है. संभावित पार्टनरशिप के बारे में बताते हुए क्लॉस ने कहा कि हम एक सच्ची साझेदारी की तलाश कर रहे हैं. यह कुछ हद तक बिना किसी अनुबंध के शादी करने जैसी होगी. उन्होंने कहा कि यूरोपीय कारें अमूमन ओवर-इंजीनियर्ड हैं, जिनकी भारत में खास जरूरत नहीं होती. हम अपनी अपेक्षाओं के अनुसार कारें बनाते आए हैं, जिनकी कीमत अपेक्षाकृत अधिक होती है. यह पहलू हमारी प्रतिस्पर्धी स्थिति को कमजोर करता है. इसलिए, हमें सीखने की जरूरत है. बता दें कि वर्तमान में फॉक्सवैगन के भारत में कुल 3 मॉडल्स बिक्री के लिए उपलब्ध हैं. इसमें 1 सेडान और 2 एसयूवी शामिल हैं.
MG बेच चुकी हिस्सेदारी
इससे पहले चीन से ताल्लुख रखने वाली MG मोटर अपने भारतीय कारोबार में हिस्सेदारी बेच चुकी है. इस डील के साथ ही MG मोटर इंडिया अब JSW MG मोटर इंडिया हो गई है. सज्जन जिंदल पिछले काफी समय से MG मोटर में हिस्सेदारी खरीदने की कोशिश कर रहे थे और पिछले साल उनकी यह कोशिश सफल हो गई. JSW ग्रुप के पास फिलहाल इस कंपनी में 35% हिस्सेदारी है. प्राइवेट इक्विटी फंड एवरस्टोन कैपिटल के पास 8% हिस्सेदारी है. इसके अलावा करीब 8 प्रतिशत हिस्सेदारी विभिन्न डीलर्स-कर्मचारियों के पास है और शेष 49% हिस्सेदारी चीनी कंपनी SAIC के पास है. अब इस कंपनी का आईपीओ आने वाला है. इस IPO से पहले सज्जन जिंदल MG मोटर इंडिया में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 51 प्रतिशत कर सकते हैं.
बाजार में 1% पर ही कब्जा
MG मोटर की पैरेंट कंपनी SAIC चीन की सबसे बड़ी सरकारी कार कंपनी है. एक अनुमान के मुताबिक यह कंपनी भारत में अब तक करीब 3000 करोड़ रुपए का निवेश कर चुकी है. MG Motor सामान्य ईंधन पर चलने वाली कारों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहन भी बनाती है. भारत में इसकी SUVs MG हेक्टर (MG Hector), ग्लोस्टर (Gloster) और एस्टोर (Astor) को काफी पसंद किया गया है. इसके अलावा, ZS EV और Comet नाम से MG की इलेक्ट्रिक कारें भी भारत में मौजूद हैं. JSW MG Motor के पास भारत के कार बाजार में अभी महज 1% हिस्सेदारी है.
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