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Hyundai की राह पर MG Motor, भारतीय शेयर बाजार में एंट्री की तैयारी!
एमजी मोटर इंडिया अपना आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है. अगले 2 से तीन साल में कंपनी का आईपीओ आ सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
हुंडई मोटर इंडिया (Hyundai Motors IPO) के आईपीओ की खबरों के बीच ऑटोमोबाइल कंपनी एमजी मोटर इंडिया (MG Motor India) ने भी भारतीय शेयर बाजार में एंट्री की तैयारी शुरू कर दी है. अगले तीन से चार सालों में कंपनी अपना आईपीओ लेकर आ सकती है. एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में MG मोटर के पार्टनर JSW ग्रुप इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) से पहले अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकता है. बता दें कि MG मोटर की पैरेंट कंपनी चीन की SAIC मोटर है, जिसने भारत में सज्जन जिंदल की अगुआई वाले JSW ग्रुप इ हाथ मिलाया है.
किसके पास कितना स्टेक
MG मोटर इंडिया अब JSW MG मोटर इंडिया हो गई है. सज्जन जिंदल पिछले काफी समय से MG मोटर में हिस्सेदारी खरीदने की कोशिश कर रहे थे और पिछले साल उनकी यह कोशिश सफल हो गई. JSW ग्रुप के पास फिलहाल इस कंपनी में 35% हिस्सेदारी है. प्राइवेट इक्विटी फंड एवरस्टोन कैपिटल के पास 8% हिस्सेदारी है. इसके अलावा करीब 8 प्रतिशत हिस्सेदारी विभिन्न डीलर्स-कर्मचारियों के पास है और शेष 49% हिस्सेदारी चीनी कंपनी SAIC के पास है. आईपीओ से पहले सज्जन जिंदल MG मोटर इंडिया में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 51 प्रतिशत कर सकते हैं.
बाजार में 1% हिस्सेदारी
MG मोटर की पैरेंट कंपनी SAIC चीन की सबसे बड़ी सरकारी कार कंपनी है. एक अनुमान के मुताबिक यह कंपनी भारत में अब तक करीब 3000 करोड़ रुपए का निवेश कर चुकी है. MG Motor सामान्य ईंधन पर चलने वाली कारों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहन भी बनाती है. भारत में इसकी SUVs MG हेक्टर (MG Hector), ग्लोस्टर (Gloster) और एस्टोर (Astor) को काफी पसंद किया गया है. इसके अलावा, ZS EV और Comet नाम से MG की इलेक्ट्रिक कारें भी भारत में मौजूद हैं. JSW MG Motor के पास भारत के कार बाजार में अभी महज 1% हिस्सेदारी है.
MG को क्या मिला?
MG मोटर ने 2019 में भारत में अपना कारोबार शुरू किया था. कंपनी ने करीब 5 करोड़ डॉलर में गुजरात में स्थित जनरल मोटर्स के एक प्लांट का अधिग्रहण किया था. MG मोटर इंडिया और JSW ग्रुप की पार्टनरशिप दोनों के लिए ही फायदेमंद है. इससे एक तरफ जहां MG की फंड संबंधी समस्या दूर हुई है, वहीं JSW को कार बाजार में एंट्री मिल गई है. MG मोटर इंडिया ने भारत में अपनी एक अलग पहचान स्थापित की है. MG हेक्टर को काफी ज्यादा पसंद किया गया है. इसके अलावा, MG की दूसरी कारें भी भारतीय ग्राहकों के दिल में जगह बनाने में कामयाब रही हैं. लेकिन इस सबके बावजूद कंपनी ने न तो अपना प्रोडक्शन बढ़ाया और न ही कैपिसिटी बढ़ाने का प्रयास किया. इसकी एक वजह रही उसका चीनी कनेक्शन. दरअसल, चीन के साथ भारत के संबंध अच्छे नहीं चल रहे हैं, ऐसे में MG मोटर इंडिया अपनी पैरेंट कंपनी SAIC Motor से फंड नहीं जुटा पा रही थी. लेकिन JSW Group के रूप में उसे भारतीय साझेदार मिलने से उसकी फंड की समस्या काफी हद तक दूर गो गई है.
जिंदल को क्या मिला?
JSW Group को इस डील के जरिए ऑटोमोबाइल सेक्टर में एंट्री मिल गई है. यह सेक्टर तेजी से विकसित हो रहा है, ऐसे में अब सज्जन जिंदल के पास MG के सहारे लाभ कमाने का मौका है. जिंदल के पास MG मोटर इंडिया में 35% हिस्सेदारी है. एमजी मोटर इंडिया के ऑफर फॉर सेल (OFS) के रूप में जब अपना आईपीओ लेकर आएगी, तो जिंदल के पास कंपनी में 49% और फिर 51% तक हिस्सेदारी खरीदने का विकल्प होगा. SAIC Motor ऑफर फॉर सेल के तहत अपनी हिस्सेदारी बेचेगी. इस तरह कंपनी में चीनी हिस्सेदारी कम हो जाएगी. एक्सपर्ट्स मानते हैं MG में हिस्सेदारी जिंदल के लिए लाभदायक रहेगी. क्योंकि MG Motor भारत में एक ट्रस्टेड ब्रैंड बन गया है.
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