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भारत की EV पॉलिसी का लाभ लेने से इंकार करने वाली BYD के बारे में कितना जानते हैं आप?
BYD यानी Build Your Dreams चीन की दिग्गज EV मेकर है. इस कंपनी ने भारत में भी अपनी कारें उतारी हैं. हालांकि, कंपनी ने भारत की EV नीति का लाभ लेने से इंकार कर दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
चीन की दिग्गज इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी BYD (Build Your Dreams) भारत की EV पॉलिसी का लाभ नहीं लेना चाहती. कंपनी का कहना है कि वह इस संबंध में आवेदन नहीं करेगी. इस साल की शुरुआत में केंद्र सरकार ने नई ईवी नीति की घोषणा की थी, जिसका मकसद ग्लोबल कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आकर्षित करना है. BYD इंडिया के इलेक्ट्रिक यात्री वाहन कारोबार के प्रमुख राजीव चौहान का कहना है कि कंपनी के प्रतिनिधियों ने EV पॉलिसी पर विचार किया और हमने इसके लिए आवेदन नहीं करने का निर्णय लिया है.
प्लांट लगाना है ज़रूरी
केंद्र ने इस साल मार्च में Tesla जैसी प्रमुख वैश्विक कंपनियों को आकर्षित करने के लिए नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति की घोषणा की थी. इसके तहत 35,000 डॉलर और उससे अधिक की कीमत वाले वाहनों पर 15% के कम आयात शुल्क पर सीमित संख्या में कारों के आयात की अनुमति दी गई है. यह अनुमति सरकार की मंजूरी की तारीख से पांच वर्ष की अवधि के लिए दी जाती है. हालांकि, इसके लिए कंपनियों को भारत में प्लांट लगाना अनिवार्य है. चौहान ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग प्लांट होने से कुछ फायदे मिलते हैं, लेकिन BYD इंडिया फिलहाल इस दिशा में आगे नहीं बढ़ेगी.
भारत को लेकर बड़े प्लान
कुछ समय पहले खबर आई थी कि BYD भारत के EV बाजार में एक बड़ी हिस्सेदारी चाहती है. उसकी देश के 30 शहरों में अपने सेंटर्स खोलने की तैयारी है. BYD की योजना है कि 2030 तक भारतीय वाहन मार्केट की 40 फीसदी हिस्सेदारी उसके पास आ जाए और कंपनी ने इस दिशा में तेजी से काम भी शुरू कर दिया है. BYD भारत के मेनस्ट्रीम इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट में पैर जमाने के लिए कई नए इलेक्ट्रिक प्रोडक्ट भी लॉन्च कर सकती है. BYD की इलेक्ट्रिक कारों में हैचबैक, सेडान और एसयूवी की लंबी रेंज है. Build Your Dreams पहले से ही भारत में कॉरपोरेट फ्लीट्स के लिए इलेक्ट्रिक बस और इलेक्ट्रिक वीकल्स बेच रही है.
कई देशों तक है पहुंच
2003 में स्थापित BYD दुनिया के कई देशों में इलेक्ट्रिक कार और प्लग इन इलेक्ट्रिक हाइब्रिड्स भी बेचती है. इनमें नॉर्वे, सिंगापुर, ब्राजील, न्यूजीलैंड, कोस्टारिका और कोलंबिया शामिल हैं. फिलहाल 300 से ज्यादा चीनी कंपनियां EV बना रही हैं. चीन की इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी SAIC और BYD ग्लोबल मार्केट शेयर में केवल एलन मस्क की टेस्ला से पीछे हैं. BYD इलेक्ट्रिक वाहनों में लगनी वाली बैटरी भी बनाती है. बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में चीन की CATL और BYD सबसे बड़े प्लेयर्स माने जाते हैं. BYD का भारत की EV नीति का फायदा लेने से इंकार का मतलब है कि कंपनी चीन में ही अपने वाहन बनाकर उन्हें भारत में लाएगी और इसके लिए ज्यादा टैक्स भरने को भी तैयार है.
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