होम / ऑटोमोबाइल / इस कंपनी ने भी बढ़ा दिए कारों के दाम, जानें अब कितना बढ़ेगा जेब का बोझ
इस कंपनी ने भी बढ़ा दिए कारों के दाम, जानें अब कितना बढ़ेगा जेब का बोझ
महंगाई के मौसम में अब एक दिग्गज कार कंपनी ने भी अपने कुछ मॉडल्स के दामों में इजाफा कर दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारतीय कार बाजार में Kia ने अपनी एक अलग पहचान स्थापित की ही. इस साउथ कोरियाई कंपनी की कारों को भारत में काफी पसंद किया जा रहा है. खासकर Sonet और Seltos को भारतीय ग्राहकों का काफी प्यार मिला है. इन कारों की डिमांड लगातार बनी हुई है. अब कंपनी अपनी इन दोनों कारों को महंगा कर दिया है. एक रिपोर्ट के अनुसार, Kia ने अपनी दोनों ही एसयूवी के चुनिंदा वेरिएंट्स की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है. यानी इनमें से किसी भी कार को खरीदने के लिए आपको पहले से ज्यादा जेब ढीली करनी होगी.
Sonet में इतना हुआ इजाफा
किआ मोटर्स ने Sonet की कीमत 27 हजार रुपए तक बढ़ाई है. इसी तरह Seltos के दामों मन 19 हजार रुपए तक का इजाफा हुआ है.किआ सोनेट के बेस वेरिएंट की कीमत में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है. इसके HTE(O) पेट्रोल 1.2 मैनुअल वेरिएंट की कीमत में 9900 रुपए बढ़ाए गए हैं. वहीं टॉप वेरिएंट एक्स लाइन 1.0 टर्बो पेट्रोल DTC अब 17 हजार महंगा हो गया है. जबकि HTX डीजल MT वेरिएंट की कीमत में सबसे ज्यादा 27 हजार रुपए की बढ़ोत्तरी की गई है.
ये वेरिएंट सबसे महंगा
सोनेट के साथ ही सेल्टॉस की कीमतों को भी बढ़ाया गया है.इस SUV की कीमत में 19 हजार रुपए तक बढ़ गई है. Seltos के HTX डीजल iMT वेरिएंट में सबसे ज्यादा इजाफा हुआ है. जबकि X-Line DCT वेरिएंट की कीमत में सबसे कम 2 हजार की बढ़ोतरी हुई है. सोनेट की तरह इसके भी बेस वेरिएंट की कीमत में कंपनी ने कोई बदलाव नही किया है. Sonet और Seltos ने बाजार में आते ही अपना रंग जमा दिया था. आज भी दोनों SUVs डिमांड में हैं. कंपनी दोनों के ही अपडेटेड वर्जन बाजार में पेश कर चुकी है. अब Kia की बात निकली है, तो चलिए आपको यह भी बता देते हैं कि इसका हुंडई से क्या कनेक्शन है.
हुंडई और Kia का कनेक्शन
Hyundai और Kia अलग-अलग कंपनी होने के बावजूद दोनों एक-दूसरे से कनेक्टेड हैं. किआ और हुंडई टेक्नोलॉजी तो शेयर करती ही हैं, साथ ही इनके प्लेटफॉर्म, इंजन और गियरबॉक्स भी लगभग एक जैसे होते हैं. दरअसल, दोनों की एक दूसरे में हिस्सेदारी है. पहले किआ मोटर्स में हुंडई की हिस्सेदारी 51% थी, लेकिन अब यह 33.88% है. इसी तरह, हुंडई मोटर्स की कुछ सहायक कंपनियों में किआ की 5-45 फीसदी तक हिस्सेदारी है. 1988 में जब Kia वित्तीय संकट में फंस गई थी, तब Hyundai ने इसमें हिस्सेदारी खरीदी थी. किआ की स्थापना 1944 में हुई थी और हुंडई 1967 में अस्तित्व में आई. एक रिपोर्ट के अनुसार, Kia ने साइकिल बनाने से कारोबार की शुरुआत की, इसके बाद उसने बाइक और ट्रक मैन्युफैक्चरिंग में भी हाथ आजमाया. 1980 में किआ ने फोर्ड के साथ पार्टनरशिप की और 1986 में कार प्रोडक्शन शुरू किया. 1988 में एशिया में आए वित्तीय संकट में किआ भी मुश्किल में फंस गई. कंपनी ने खुद को दिवालिया घोषित करने के लिए आवेदन दिया, तब फोर्ड ने अपनी हिस्सेदारी हुंडई को बेची दी. इस तरह हुंडई के पास Kia की हिस्सेदारी अ गई.
टैग्स