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भारत से दूरी अब और नहीं, Ford ने किया वापसी का ऐलान; फिर रौशन होगा चेन्नई प्लांट
फोर्ड अपने चेन्नई प्लांट को फिर से रौशन करने जा रही है. कंपनी ने ऐलान किया है कि वो भारत वापस लौट रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
ऑटो सेक्टर की दिग्गज अमेरिकी कंपनी फोर्ड (Ford) भारत में वापसी कर रही है. कंपनी ने अपनी भारत वापसी के ऐलान के साथ ही इस बारे में तमिलनाडु सरकार को लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) भी सौंप दिया है. कंपनी करीब तीन साल पहले भारत से अपना कारोबार समेटकर निकल गई थी. फोर्ड अपना गुजरात प्लांट पहले ही टाटा ग्रुप को बेच चुकी है. जबकि चेन्नई संयंत्र के लिए वह खरीदार की तलाश कर रही थी, लेकिन बात बन नहीं पाई.
CM से हुई थी मीटिंग
एक रिपोर्ट के अनुसार, Ford अपने चेन्नई प्लांट का इस्तेमाल अब वैश्विक बाजारों के लिए विनिर्माण पर ध्यान केंद्रित करने के लिए करेगी. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अपनी अमेरिका यात्रा के दौरान फोर्ड नेतृत्व से मुलाकात की थी. माना जा रहा है कि इस मीटिंग के बाद ही Ford ने भारत में वापसी की योजना को अंतिम रूप दिया.
नहीं बनी थी बात
फोर्ड ने सितंबर 2021 में भारत छोड़ने की घोषणा की थी. इसके बाद उसने सरकार की PLI योजना में भाग लेने के लिए आवेदन किया, लेकिन फिर अचानक वैश्विक बाजारों के लिए भारत में EV बनाने की योजना को टाल दिया. फोर्ड अपने गुजरात प्लांट को टाटा समूह को बेचने के बाद चेन्नई प्लांट को बेचने के लिए सज्जन जिंदल के नेतृत्व वाले JSW समूह के साथ बातचीत कर रही थी, मगर बात नहीं बन पाई. उसके बाद खबर आई कि Ford ने चेन्नई प्लांट बेचने का फैसला टाल दिया है.
नियुक्तियां भी हुईं
पिछले साल दिसंबर में सामने आई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि फोर्ड इंडिया ने कुछ नई नियुक्तियां भी की हैं, जिससे इस बात का संकेत मिलता है कि कंपनी अपनी भारतीय यूनिट का ऑपरेशन फिर से शुरू कर सकती है. गौरतलब है कि भारत में अपने पैर जमाने के लिए कंपनी ने मोटर व्हीकल और इंजन के चार प्लांट चेन्नई और साणंद में स्थापित किए थे. बाद में उसने अपनी गुजरात फैसिलिटी 725.70 करोड़ रुपए में टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड को बेच दी. .
क्यों किया प्रोडक्शन बंद?
फोर्ड इंडिया ने भारत छोड़ने के फैसले का ऐलान करते हुए घाटे का हवाला दिया था. कंपनी ने कहा था कि उसे भारत में कारें बनाने में दो बिलियन डॉलर यानी 200 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ है. इसलिए वो गुजरात के साणंद और तमिलनाडु के चेन्नई स्थित अपने दोनों प्लांट बंद करने जा रही है. कंपनी ने इन प्लांट में इकोस्पोर्ट, फिगो और एस्पायर जैसी गाड़ियों तैयार की जाती थीं. गौरतलब है कि फोर्ड काफी समय से भारतीय बाजार पर पकड़ बनाने की कोशिश करती रही, लेकिन उसे खास सफलता नहीं मिली.
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