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अक्टूबर की शुरुआत में लगा गाड़ियों की बिक्री पर ब्रेक, लेकिन फिर पूरी हो गई कसर!
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन यानी FADA ने अक्टूबर में वाहनों की बिक्री के आंकड़े जारी कर दिए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
महंगाई के दौर में भी इस साल वाहनों की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. सितंबर में वाहनों की बिक्री में करीब 20% की बढ़ोत्तरी हुई थी, लेकिन अक्टूबर की शुरुआत में इस रफ्तार पर कुछ हद तक ब्रेक लग गया. घरेलू बाजार में खुदरा वाहन बिक्री सालाना आधार पर अक्टूबर में 7.73 प्रतिशत गिरकर 21,17,596 यूनिट रह गई. फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के आंकड़े बताते हैं अक्टूबर, 2022 में घरेलू बाजार में खुदरा वाहन बिक्री 22,95,099 थी, जिसमें इस साल करीब 8 की गिरावट दर्ज की गई.
इस वजह से थमी रफ्तार
ऐसे में यह सवाल लाजमी हो जाता है कि फुल स्पीड से भाग रही वाहनों की बिक्री आखिरकार अक्टूबर में क्यों धीमी पड़ गई? FADA के अनुसार, इसकी एक बड़ी वजह रही श्राद्ध की अवधि (Shraddh Period) रही. दरअसल, पितृ पक्ष (Pitru Paksha 2023) 29 सितंबर लेकर 14 अक्टूबर तक चला. हिंदू संस्कृति के अनुसार इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य नहीं होता. इसलिए वाहनों की बिक्री में भी गिरावट देखने को मिली. जबकि पिछले साल यानी 2022 में पितृ पक्ष 10 सितंबर से आरंभ होकर 25 सितंबर को समाप्त हुआ था.
...लेकिन यहां अच्छी रही सेल
FADA द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री 12.60 प्रतिशत घटकर 15,07,756 यूनिट रही, जो पिछले साल अक्टूबर में 17,25,043 इकाई थी. इसी तरह, पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में भी अक्टूबर में खुदरा बिक्री 1.35 प्रतिशत गिरकर 3,53,990 यूनिट रही, जबकि अक्टूबर, 2022 में यह 3,58,884 इकाई थी. हालांकि, थ्री-व्हीलर्स की बिक्री अक्टूबर में 45.63 प्रतिशत बढ़कर 1,04,711 इकाई हो गई, एक साल पहले यह आंकड़ा 71,903 इकाई था. इसी तरह, अक्टूबर में कमर्शियल वाहनों की खुदरा बिक्री 10.26 प्रतिशत बढ़कर 88,699 इकाई हो गई, जो एक साल पहले इसी महीने में 80,446 यूनिट थी.
पूरे महीने में 13% वृद्धि दर्ज
फाडा के अध्यक्ष मनीष राज सिंघानिया ने कहा कि अशुभ माना जाने वाला श्राद्ध काल 14 अक्टूबर तक रहा, इस वजह से वाहनों की बिक्री के आंकड़े प्रभावित हुए. अक्टूबर के पहले 15 दिन में सालाना आधार पर करीब 8 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, लेकिन पूरे महीने की तुलना करने पर इसमें 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई, जो अच्छी बाजार मांग का संकेत है. पितृ पक्ष के खत्म होने के बाद नवरात्रि शुरू हो गई और 9 दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन का हर दिन शुभ माना जाता है, इसलिए नवरात्र में वाहनों की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री हुईं.
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