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ऐसा क्या हुआ कि फुल स्पीड से दौड़ने वाले ऑटो सेक्टर की फूलने लगीं सांसें?
ऑटो डीलर्स के पास कारों का स्टॉक ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया है. इसकी वजह है डिमांड में आई कमी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
फुल स्पीड से दौड़ने वाले ऑटो सेक्टर की सांस फूलती दिखाई दे रही है. फेडरेशन ऑफ ऑटो मोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के अनुसार, ऑटो डीलर्स के पास मौजूद गाड़ियों का स्टॉक इस समय ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया है. करीब 73,000 करोड़ रुपए के 7 लाख से ज्यादा पैसेंजर व्हीकल्स डीलर्स के पास फंसे हुए हैं. कहने का मतलब है कि कारों का अंबार है, लेकिन उन्हें खरीदार नहीं मिल रहे हैं.
डीलर्स पर बढ़ रहा दबाव
FADA का कहना है कि जुलाई की शुरुआत में डीलर्स के पास जो स्टॉक 65-67 दिनों का था, वो अब बढ़कर 70-75 दिनों तक पहुंच गया है. इस बढ़ते स्टॉक ने डीलर्स की टेंशन बढ़ा दी है. एक मीडिया रिपोर्ट में FADA प्रेसिडेंट मनीष राज सिंघानिया के हवाले से बताया गया है कि इससे डीलर्स पर दबाव बढ़ रहा है. उन्होंने पैसेंजर व्हीकल बनाने वाली कंपनियों से इनवेंट्री के ऊंचे स्तर को देखते हुए संभावित डीलर फेल्योर को लेकर सतर्क रहने की अपील की है.
थोक बिक्री में गिरावट
सिंघानिया के अनुसार, कार कंपनियों को चाहिए कि वे अपने उत्पादन को रिटेल बिक्री के आंकड़ों के हिसाब से रीसेट करें. मौजूदा स्थिति को देखते हुए उन्हें डीलर्स को भेजी जाने वाली कारों की संख्या कम करनी चाहिए. FADA के आंकड़े बताते हैं कि जुलाई में पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री में 10% की तेजी आई और यह 3,20,129 यूनिट्स तक पहुंच गई. जबकि इसी महीने में पैसेंजर व्हीकल्स की थोक बिक्री सालाना आधार पर 2.5% घटकर 3.41 लाख यूनिट्स रही.
इसलिए खड़ी हुई मुश्किल
सिंघानिया का मानना है कि कंपनियों को ऐसी प्रमोशनल स्कीम लानी चाहिए, जिससे डीलर इन फंसी हुईं गाड़ियों को मार्केट में निकाल सकें. साथ ही उन्हें कारों के स्टॉक को अधिक दिन तक रखने पर आने वाले अतिरिक्त लागत के मोर्च पर भी डीलर्स का समर्थन करना चाहिए. ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि कंपनियों ने मजबूत मांग की उम्मीद में उत्पादन तो बढ़ा दिया, लेकिन बाजार के उम्मीद अनुरूप न रहने से अब मुश्किल बढ़ गई है. उनके मुताबिक, RBI से सस्ते लोन की उम्मीद थी, जो पूरी नहीं हुई. उल्टा कुछ बैंकों ने लोन महंगे कर दिए. इससे डिमांड कमजोर हुई है. हालांकि, उन्हें लगता है कि फेस्टिवल सीजन में तस्वीर बदल सकती है.
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