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न्यायमूर्ति बीआर गवई होंगे भारत के अगले चीफ जस्टिस, 14 मई को लेंगे शपथ
जस्टिस बीआर गवई पद संभालने के 6 महीने बाद तक सीजेआई रहेंगे और नवंबर 2025 में रिटायर होंगे. वह अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखने वाले देश से दूसरे चीफ जस्टिस होंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने बुधवार (16 अप्रैल 2025) को केंद्रीय कानून मंत्रालय को जस्टिस बीआर गवई को अगला सीजेआई नियुक्त करने की सिफारिश की. वह 14 मई 2025 को देश के 52वें चीफ जस्टिस के के रूप में शपथ लेंगे. मौजूदा सीजेआई संजीव खन्ना 13 मई को रिटायर होंगे. बीआर गवई अनुसूचित जाति से आने वाले दूसरे चीफ जस्टिस होंगे, उनके पहले सीजेआई केजी बालाकृष्णन भी अनुसूचित जाति के थे.
6 महीने का होगा बीआर गवई का कार्यकाल
जस्टिस बीआर गवई पद संभालने के 6 महीने बाद तक सीजेआई रहेंगे और नवंबर 2025 में रिटायर होंगे. जस्टिस बीआर गवई महाराष्ट्र के अमरावती से हैं. उन्होंने साल 1985 में वकील के तौर पर काम शुरू किया था. तब वो महाराष्ट्र के पूर्व एडवोकेट जनरल और बाद में महाराष्ट्र हाईकोर्ट के जज रहे बैरिस्टर राजा भोंसले के साथ काम करते थे. बीआर गवई बॉम्बे हाईकोर्ट में साल 1987 से 1990 तक वकालत करते रहे.
बुल्डोजर एक्शन पर उठाए थे सवाल
बीआर गवई को साल 1992 में बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में महाराष्ट्र सरकार का असिस्टेंट प्लीडर एंड असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया गया था. वे साल 2003 में हाईकोर्ट के एडिशनल जज बने. बीआर गवई साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट आए और अब सीजेआई बनने जा रहे हैं. पिछले साल बीआर गवई ने बुल्डोजर एक्शन पर सवाल उठाए थे.
जस्टिस बीआर गवई ने सोमवार (14 अप्रैल 2025) को भीमराव अंबेडकर की जयंती पर कहा कि संविधान निर्माण के लिए राष्ट्र सदैव उनका कृतज्ञ रहेगा. सुप्रीम कोर्ट परिसर में जस्टिस गवई ने कहा, "राष्ट्र सदैव डॉ. आंबेडकर का कृतज्ञ रहेगा, क्योंकि उनके और उनके सहयोगियों ने संविधान तैयार किया. भारत मजबूत है, प्रगति कर रहा है और दुनिया में सबसे तेजी से विकास करने वाले देशों में से एक है. यह उनका दर्शन, विचारधारा और दूरदृष्टि ही है जो हमें एकजुट और मजबूत बनाए हुए है."
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