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अनंत स्वरूप बने FICCI के सेक्रेटरी जनरल, नीति और व्यापार अनुभव से मजबूत होगी संस्था
अनंत स्वरूप ने 14 अप्रैल 2026 से इस पद की जिम्मेदारी संभाल ली है. उनके पास पब्लिक पॉलिसी, ट्रेड रेगुलेशन, लॉजिस्टिक्स और अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं का तीन दशक से अधिक का अनुभव है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
भारतीय उद्योग जगत की प्रमुख संस्था भारतीय वाणिज्य और उद्योग महासंघ (FICCI) ने एक अहम फैसले के तहत अनुभवी नीति विशेषज्ञ अनंत स्वरूप को अपना नया सेक्रेटरी जनरल नियुक्त किया है. यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच नई दिशा तलाश रही है.
अनंत स्वरूप ने 14 अप्रैल 2026 से इस पद की जिम्मेदारी संभाल ली है. उनके पास पब्लिक पॉलिसी, ट्रेड रेगुलेशन, लॉजिस्टिक्स और अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं का तीन दशक से अधिक का अनुभव है. उनके नेतृत्व से FICCI को नीति निर्धारण और उद्योग हितों की वकालत में मजबूती मिलने की उम्मीद है.
सरकार और वैश्विक मंचों का गहरा अनुभव
1992 बैच के भारतीय रेलवे पर्सोनल सर्विस (IRPS) अधिकारी रहे स्वरूप ने भारत सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है. वे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव रह चुके हैं और डायरेक्टर जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज की भूमिका भी निभा चुके हैं.
इसके अलावा, उन्होंने विश्व व्यापार संगठन में जिनेवा स्थित भारत मिशन में फर्स्ट सेक्रेटरी के रूप में देश का प्रतिनिधित्व किया है. यह अनुभव उन्हें वैश्विक व्यापार और नीतिगत मुद्दों की गहरी समझ प्रदान करता है.
उद्योग और नीति के बीच मजबूत कड़ी
FICCI देश की प्रमुख उद्योग संस्थाओं में से एक है, जो सरकार और उद्योग के बीच संवाद स्थापित करने में अहम भूमिका निभाती है. अनंत स्वरूप की नियुक्ति से संस्था की नीतिगत भागीदारी और प्रभाव और अधिक मजबूत होने की संभावना है.
वैश्विक चुनौतियों के बीच नई जिम्मेदारी
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय उद्योग वैश्विक अस्थिरता, सप्लाई चेन चुनौतियों और प्रतिस्पर्धा से जूझ रहा है. ऐसे में स्वरूप का अनुभव FICCI को नई रणनीति बनाने और उद्योग हितों को आगे बढ़ाने में मदद करेगा.
आर्थिक विकास के अगले चरण पर फोकस
FICCI इस नेतृत्व परिवर्तन के जरिए अपनी नीतिगत पकड़ और संस्थागत प्रभाव को और मजबूत करना चाहता है. भारत के वैश्विक व्यापार और मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में यह संस्था सरकार और उद्योग के बीच सेतु की भूमिका निभाएगी.
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