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ब्यूरोक्रेटिक फेरबदल के बीच संजय लोहिया वित्तीय सेवा विभाग में विशेष सचिव नियुक्त

यह फेरबदल केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर किए जाने वाले नियमित प्रशासनिक बदलावों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और गतिशील बनाना होता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

केंद्र सरकार ने मंगलवार को उच्चस्तरीय प्रशासनिक फेरबदल के तहत कई वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और नियुक्तियों को मंजूरी दी. कैबिनेट की नियुक्ति समिति (Appointments Committee of the Cabinet) द्वारा लिए गए इन फैसलों में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के कई वरिष्ठ अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. इसी क्रम में संजय लोहिया को वित्तीय सेवा विभाग में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है.

वित्तीय सेवाओं में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी

1994 बैच के असम-मेघालय कैडर के आईएएस अधिकारी संजय लोहिया को वित्त मंत्रालय के अंतर्गत वित्तीय सेवा विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है. यह पद अस्थायी रूप से एक खाली संयुक्त सचिव स्तर के पद को अपग्रेड कर बनाया गया है, ताकि विभाग के कामकाज में निरंतरता बनी रहे.

वर्तमान में लोहिया खान मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में कार्यरत हैं, जहां उन्होंने खनिज विनियमन, संसाधन प्रबंधन और क्षेत्रीय सुधारों से जुड़े नीतिगत मामलों पर काम किया है. उनकी नई भूमिका उन्हें ऐसे विभाग में ले जाती है, जो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, बीमा संस्थानों और वित्तीय समावेशन योजनाओं की निगरानी करता है.

मई 2026 के बाद सचिव पद संभालेंगे

आधिकारिक आदेश के अनुसार, संजय लोहिया 31 मई 2026 को वर्तमान सचिव नागराजू मड्डिराला के सेवानिवृत्त होने के बाद वित्तीय सेवा विभाग के सचिव का पदभार संभालेंगे. तब तक विशेष सचिव के रूप में उनकी नियुक्ति एक चरणबद्ध नेतृत्व परिवर्तन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है.

वित्तीय सेवा विभाग सरकार के भीतर बैंकिंग नीति, वित्तीय नियमन और संस्थागत ढांचे के समन्वय में अहम भूमिका निभाता है. ऐसे महत्वपूर्ण विभागों में नेतृत्व परिवर्तन आमतौर पर चरणबद्ध तरीके से किया जाता है, ताकि प्रशासनिक स्थिरता बनी रहे.

अनुभव से मिलेगी नीतिगत निरंतरता

संजय लोहिया की नियुक्ति वरिष्ठ अधिकारियों के बीच मंत्रालयों में पार्श्व (lateral) स्थानांतरण की उस व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाती है, जिसमें शीर्ष पद संभालने से पहले अधिकारियों को विभिन्न विभागों का अनुभव दिया जाता है. उनके बहुआयामी अनुभव से नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन और मंत्रालय के अंतर्गत विभिन्न संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय की उम्मीद है.

यह फेरबदल केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर किए जाने वाले नियमित प्रशासनिक बदलावों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और गतिशील बनाना होता है.
 


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