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मानसून के सीजन में महंगाई का मौसम, अब ATM से पैसा निकालना भी होगा महंगा!
निर्धारित फ्री लेनदेन की सीमा पूरी होने या दूसरे बैंक के ATM से पैसा निकालने पर ज्यादा जेब ढीली हो सकती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
लगता है मानसून के सीजन में महंगाई का मौसम आ गया है. प्याज-टमाटर और आटे के बाद अब ATM से पैसा निकालना भी महंगा होने वाला है. एक रिपोर्ट के अनुसार, एटीएम से निर्धारित फ्री लिमिट के बाद पैसे निकालने पर ज्यादा चार्ज देने पड़ सकते हैं. दरअसल, देश के एटीएम ऑपरेटरों ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) से इस संबंध में गुहार लगाई है. उनका कहना है कि अब एटीएम ऑपरेटर इंटरचेंज चार्ज में बढ़ोतरी का समय आ गया है.
23 रुपए करने की मांग
एटीएम उद्योग परिसंघ (CATMI) की मांग है कि इंटरचेंज फीस को बढ़ाकर अधिकतम 23 रुपए प्रति ट्रांजेक्शन किया जाए, ताकि व्यवसाय के लिए अधिक फंडिंग सुनिश्चित करने में मदद मिले. एटीएम मेकर एजीएस ट्रांजैक्ट टेक्नोलॉजीज के कार्यकारी निदेशक स्टेनली जॉनसन का कहना है कि इंटरचेंज चार्ज में दो साल पहले बढ़ोत्तरी हुई थी. हमने इस संबध में RBI से संपर्क किया है लगता है कि केंद्रीय बैंक हमारी मांग का समर्थन करता है. CATMI ने चार्ज को 21 रुपए करने का अनुरोध किया है. वहीं, कुछ अन्य एटीएम मेकर्स ने 23 रुपए करवाना चाहते हैं.
अभी कितना है चार्ज?
इंटरचेंज चार्ज में वृद्धि का निर्णय एनपीसीआई द्वारा लिया जाएगा, क्योंकि दर उसके द्वारा ही तय की जाती हैं. हालांकि, इसमें RBI की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है. साल 2021 में एटीएम ट्रांजेक्शन पर इंटरचेंज चार्ज 15 रुपए से बढ़ाकर 17 रुपए किया गया था. बता दें कि एटीएम इंटरचेंज वह चार्ज है जो कार्ड जारीकर्ता बैंक की तरफ से उस बैंक को दिया जाता है, जहां कार्ड का इस्तेमाल नकद निकालने के लिए होता है. यदि इंटरचेंज चार्ज में बढ़ोत्तरी होती है, तो तय सीमा से अधिक या दूसरे बैंकों के ATM से पैसा निकालना महंगा हो जाएगा. वर्तमान व्यवस्था के तहत सेविंग अकाउंट होल्डर के लिए एक महीने में न्यूनतम पांच ट्रांजेक्शन फ्री हैं. कुछ बैंकों में यह संख्या केवल तीन है.
प्याज भी निकाल रही आंसू
उधर, प्याज के दाम भी बढ़ रहे हैं. महाराष्ट्र के लासलगांव मंडी में प्याज के होलेसेल दामों में 30 से 50 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला है. कीमतों में तेजी की वजह डिमांड और सप्लाई के बीच बढ़ते अंतर को बताया जा रहा है. लासलगांव मंडी में मंगलवार को प्याज की औसतन कीमत 2130 रुपए प्रति क्विंटल थी और 15 जून तक कीमतें बढ़कर 2250 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच सकती हैं. मंडियों में प्याज की आवक घटने की वजह से इसकी कीमतें प्रभावित हो रही हैं. पहले 12 से 15,000 क्विंटल प्याज रोजाना लासलगांव मंडी में आता था, जो अब घटकर 6000 क्विंटल तक रह गया है. वहीं, प्याज के साथ ही टमाटर और आलू की कीमतों में भी इजाफा हुआ है. तेज गर्मी और बे-मौसम बारिश ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसकी वजह से सप्लाई प्रभावित हुई है.
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