होम / यूटिलिटी / क्या घट रहे सोने के दामों में Budget बाद आ सकती है और गिरावट?
क्या घट रहे सोने के दामों में Budget बाद आ सकती है और गिरावट?
सोनेक-चांदी की कीमतों में आज नरमी देखने को मिली है. माना जा रहा है कि बजट बाद इसमें और कमी आ सकती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
सोने की कीमतों (Gold Price) में लगातार गिरावट का रुख है. आज यानी 27 जून को भी सोने के भाव में नरमी आई है. राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट वाले 10 ग्राम सोने की कीमत अब 71,990 रुपए हो गई है. इसी तरह, चांदी की कीमत घटकर 90666 रुपए प्रति किलो से 86761 रुपए पर आ गई है. सोने और चांदी की कीमतों में कुछ वक्त पहले तक उफान देखने को मिल रहा था, लेकिन अब इनमें नरमी का रुख है.
इस वजह से आई नरमी
सोने को निवेश का बेहतरीन ऑप्शन माना जाता है, तो क्या यह गिरावट इस पर दांव लगाने का सही मौका है? एक्सपर्ट्स का मानना है कि अभी थोड़ा इंतजार करना बेहतर रहेगा. गोल्ड के दाम कुछ और नीचे आ सकते हैं. दरअसल, सोने की वैश्विक मांग में कमी आई है. पड़ोसी चीन ने सोने की खरीदारी बहुत कम कर दी है. चाइनीज सेंट्रल अपने गोल्ड रिजर्व में फिलहाल बढ़ोत्तरी नहीं कर रहा है. चीन में भारी डिमांड के चलते सोने के दाम तेजी से बढ़ रहे थे, अब जब वहां से मांग कम हो गई है तो उनमें नरमी आ रही है. इसके अलावा, बजट में इंपोर्ट ड्यूटी पर कोई घोषणा हो सकती है, जिसके बाद सोना सस्ता हो सकता है.
Budget में यह घोषणा संभव
माना जा रहा है कि अगले महीने जुलाई में पेश होने वाले बजट में सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी में 5% तक की कटौती की जा सकती है. सरकार इसे 15% की मौजूदा स्तर से कुछ नीचे लाने पर गंभीर है. जानकारों का कहना है कि यदि बजट में यह प्रावधान किया जाता है, तो सोने-चांदी की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है. इसके अलावा, सरकार बजट में पुराने सोने को बेचते समय ग्राहक को जीएसटी में कुछ इंसेंटिव का ऐलान भी कर सकती है. बता दें कि सोने पर आयात शुल्क बढ़ने के चलते सोने की तस्करी के मामलों में तेजी आई है. डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने वित्त वर्ष 2023-24 में 1,658 किलोग्राम सोना जब्त किया था, जो एक साल पहले की तुलना में करीब 35% ज्यादा है.
कौन तय करता है Gold Price?
चलिए अब यह भी जान लेते हैं कि सोने के दाम कौन तय करता है. दुनियाभर में लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) द्वारा सोने की कीमत तय की जाती है. वह यूएस डॉलर में सोने की कीमत प्रकाशित करता है. यह कीमत बैंकरों और बुलियन व्यापारियों के लिए एक वैश्विक बेंचमार्क के रूप में कार्य करती है. भारत में, इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आयात शुल्क और अन्य लागू टैक्स को जोड़कर यह तय करता है कि रिटेल विक्रेताओं को सोना किस दर पर दिया जाएगा.
Bharat यहां से करता है इम्पोर्ट
भारत के लिए स्विट्जरलैंड सोने के आयात का सबसे बड़ा स्रोत है. यहां से हमारे कुल गोल्ड आयात की हिस्सेदारी करीब 41 प्रतिशत है. इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात से भारत लगभग 13 फीसदी और दक्षिण अफ्रीका से करीब 10 प्रतिशत सोना आयात करता है. भारत, चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा Gold कंज्यूमर है. देश में सोने का आयात मुख्य रूप से ज्वैलरी इंडस्ट्री की मांग पूरी करने के लिए किया जाता है. देश के कुल आयात में सोने की हिस्सेदारी पांच प्रतिशत से ज्यादा की है.
टैग्स