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लॉन्च होने जा रही है ‘विवाद से विश्वास’ स्कीम, इनकम टैक्स के मामलों का चुटकी में होगा समाधान
डायरेक्ट टैक्स विवाद से विश्वास स्कीम 1 अक्टूबर से लागू हो जाएगी. इस स्कीम के तहत इनकम टैक्स से जुड़े विवादों को तेजी से निपटाने का प्रयास किया जाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2024 पेश करने के दौरान कहा था कि वह इनकम टैक्स (Income Tax) विवादों को निपटाने के लिए जल्द कोई योजना पेश करेंगी. अब सीबीडीटी (CBDT) ने डायरेक्ट टैक्स ‘विवाद से विश्वास स्कीम’ (Vivad Se Vishwas Scheme) पेश कर दी है. यह 1 अक्टूबर से लागू हो जाएगी. इस स्कीम के तहत इनकम टैक्स से जुड़े विवादों को तेजी से निपटाने का प्रयास किया जाएगा.
क्या है विवाद से विश्वास योजना?
इस योजना के तहत 9.32 लाख करोड़ रुपए के 4.83 लाख प्रत्यक्ष कर मामलों के निपटान का लक्ष्य है. ये मामले विभिन्न अपीलीय मंचों मसलन आयुक्त (अपील), आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT), उच्च न्यायालयों तथा उच्चतम न्यायालयों में लंबित हैं. 31 जनवरी 2020 तक जो मामले कमिश्नर (अपील), इनकम टैक्स अपीलीय ट्रिब्यूनल, हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में लंबित थे, उन टैक्स के मामलों पर यह स्कीम लागू होगी. बता दें जो भी लंबित केस हैं वह टैक्स, विवाद, पेनाल्टी और ब्याज से जुड़े हुए हो सकते हैं.
31 दिसंबर से पहले सामने आने वालों को लाभ
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (Central Board of Direct Taxes) की यह स्कीम फाइनेंस एक्ट के तहत लाई गई है. इसके नियमों को लेकर भी नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. नई स्कीम में उन लोगों को लाभ दिया जाएगा, जो 31 दिसंबर, 2024 से पहले सामने आएंगे. इसके बाद फाइलिंग करने वालों को कम सेटलमेंट अमाउंट दिया जाएगा. विवाद से विश्वास स्कीम के तहत 4 फॉर्म जारी किए गए हैं.
• फॉर्म 1 - इसमें आप डिक्लेरेशन फाइल और अंडरटेकिंग भी देंगे.
• फॉर्म 2 - यह फॉर्म अथॉरिटी द्वारा जारी किए जाने वाले प्रमाणपत्र के लिए होगा.
• फॉर्म 3 - इस फॉर्म के तहत घोषणाकर्ता द्वारा पेमेंट की जानकारी दी जाएगी.
• फॉर्म 4 - इसमें अथॉरिटी द्वारा टैक्स एरियर के फुल एंड फाइनल सेटलमेंट की जानकारी दी जाएगी.
ई-फाइलिंग पोर्टल पर ऑनलाइन भरना होगा फॉर्म
नई स्कीम में कहा गया है कि इनकम टैक्स अथॉरिटी और अपील करने के बीच कई विवाद है तो फॉर्म-1 को हर विवाद के लिए अलग से भरना होगा. पेमेंट की सूचना फॉर्म-3 में दी जानी है. इसमें आपको अपील, आपत्ति, आवेदन, रिट याचिका, विशेष अनुमति याचिका या दावे को वापस लेने के प्रमाण के साथ अथॉरिटी को देना पड़ेगा. फॉर्म-1 और फॉर्म-3 को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के ई-फाइलिंग पोर्टल www.incometax.gov.in पर ऑनलाइन भरना होगा. सरकार को उम्मीद है कि इस स्कीम से इनकम टैक्स से जुड़े विवाद जल्द समाप्त होने लगेंगे.
2020 में आया था योजना का पहला चरण
विवाद से विश्वास योजना का पहला चरण साल 2020 में आया था, जिसमें करीब 1 लाख करदाताओं ने इस योजना का लाभ उठाया था और सरकार को करीब 75,000 रुपये का कर प्राप्त हुआ था. कर विवाद से जुड़े मामलों को कम करने के लिए सरकार ने विवाद से विश्वास योजना का दूसरा चरण शुरू किया है. बजट के मुताबिक, एसेसमेंट ईयर के खत्म होने के बाद 3 साल से लेकर 5 साल तक की अवधि वाले इनकम टैक्स से जुड़े मामलों को फिर खोला जा सकेगा, लेकिन शर्त यह है कि ये मामलें 50 लाख रुपये या उससे अधिक के होने चाहिए.
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