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महंगाई से नहीं मिलती दिख रही है राहत, अब 100 के पास पहुंचा टमाटर
हाल ही में क्रिसिल की ओर से जारी किए आंकड़ों के अनुसार जून में खाने पीने के दामों में इजाफा होने के कारण ऐसा हुआ है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
एक ओर खाने पीने की चीजों की महंगाई तो दूसरी ओर सब्जियों की महंगाई ने आम आदमी की थाली का स्वाद बिगाड़ दिया है. बाजार में 30 से 40 रुपये किलो तक मिलने वाली सभी सब्जियां 70 से 80 रुपये किलो तक बिक रही हैं. लगभग हर सब्जी में काम आने वाले टमाटर के दाम तो 100 रुपये तक पहुंच गए हैं. मंडी कारोबारियों का कहना है कि अगर आवक नहीं सुधरी तो ये 100 का आंकड़ा भी पार कर सकता है.
80 रुपये किलो तक बिक रहा है टमाटर
महंगाई का सबसे ज्यादा असर टमाटर पर पड़ा है. मंडी में टमाटर की कम आवक के कारण दामों में इजाफा हो गया है. गाजीपुर मंडी से जुड़े मुन्ना चौहान बताते हैं कि अभी हालात ऐसे हैं कि बैंग्लोर से टमाटर आ रहा है और एक गाड़ी के लिए लिए 10 से 12 लाख रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं. इसका मतलब ये हुआ कि एक कैरेट के लिए 1400 रुपये पर आढ़तियों को चुकाने पड़ रहे हैं. टमाटर जहां सामान्य कालोनियों में 80 रुपये किलो मिल रहा है वहीं दूसरी ओर सोसाइटियों में 100 रुपये किलो तक मिल रहा है. टमाटर की इस महंगाई ने आम आदमी का जायका बिगाड़ दिया है.
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कब तक कम हो सकते हैं दाम
टमाटर से लेकर दूसरी सब्जियों के दामों में बीते लंबे समय से इजाफा देखने को मिल रहा है. हालात ये हैं कि टमाटर तो 80 रुपये किलो तक बिक ही रहा है, शिमलामिर्च, बैंगन और तुरई जैसी सब्जियां भी 80 रुपये किलो तक बिक रही हैं. वहीं सवाल सबसे बड़ा ये है कि लंबे समय से महंगाई का सामना कर रहे आम आदमी को इससे राहत कब मिलेगी. गाजीपुर मंडी के अध्यक्ष रहे मुन्ना चौहान बताते है कि फिलहाल इससे कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है. वो कहते हैंं कि अगले दो महीने तक सस्ता टमाटर नहीं आएगा. अभी आवक में उतना इजाफा नहीं हुआ है जितना डिमांड देखने को मिला रही है. जब तक नासिक से टमाटर नहीं आता है तब तक ऐसी ही महंगाई देखने को मिलेगी. यही नहीं जब तक पानी का असर थोड़ा कम नहीं होता है तब तक इसका असर कम होना मुश्किल नजर आता है.
शाकाहारी थाली के दाम में हुआ इजाफा
हाल ही में क्रिसिल की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश की शाकाहारी थाली में 10 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और ये महंगी हो गई है. इसी तरह चिकन के दामों में कमी होने के कारण नॉन वेज थाली सस्ती हो गई थी. वेज थाली के महंगा होने के पीछे खाने पीने के सामान में हुई महंगाई जिम्मेदार है. विशेषतौर पर सब्जियों के दामों में हुआ इजाफा इसकी वजह है. यही नहीं देश में मानसून की बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं. उसके चलते भी माल नहीं आने के कारण दामों में इजाफा हो गया है.
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