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सरकार ने प्याज के एक्सपोर्ट से हटाया बैन, इस फैसले से कीमत होगी कम या आएगी तेजी?
पिछले करीब एक महीने से प्याज की कीमत में तेजी बनी हुई है. अब सरकार ने प्याज पर लगने वाले न्यूमतम निर्यात मूल्य (MEP) को हटा लिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
सरकार ने प्याज के निर्यात पर बड़ा फैसला लिया है. केंद्र सरकार ने प्याज एक्सपोर्ट के लिए पहले तय की गई मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस (MEP) हटा दी. इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्याज की अधिकता के बीच भारतीय किसानों को स्थितियों का फायदा उठाने में मदद मिलेगी. सरकार ने पहले न्यूनतम निर्यात मूल्य के तौर पर 550 डॉलर प्रति टन की सीमा तय की थी. इसका मतलब यह था कि किसान इस दर से कम कीमत पर अपनी उपज विदेश में नहीं बेच सकते थे.
सरकार ने हटाया बैन
उस समय विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने एक अधिसूचना में कहा था, प्याज की निर्यात नीति को संशोधित कर तत्काल प्रभाव से और अगले आदेश तक 550 डॉलर प्रति टन के MEP के तहत प्रतिबंध से मुक्त किया गया है. हालांकि, सरकार ने प्याज पर 40 प्रतिशत निर्यात शुल्क लगाने का आदेश जारी रखा था.पिछले साल अगस्त महीने में भारत ने 31 दिसंबर, 2023 तक प्याज पर 40 प्रतिशत निर्यात शुल्क लगाया था. उसके पहले 8 दिसंबर, 2023 को इस साल 31 मार्च तक प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था.
38 लाख टन है प्याज का भंडारण
ऐसे कहा जा रहा है कि एनसीसीएफ और नेफेड के पास सरकारी भंडारण में 4.7 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक है. सरकार एनसीसीएफ और नेफेड के सहयोग से अपने स्टोर और मोबाइल वैन के माध्यम से प्याज की खुदरा बिक्री कर रही है. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले सप्ताह उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने कहा था कि आने वाले महीनों में प्याज की उपलब्धता और कीमतों का पूर्वानुमान सकारात्मक बना हुआ है, क्योंकि खरीफ (ग्रीष्म) में बोया गया रकबा पिछले महीने तक तेजी से बढ़कर 2.9 लाख हेक्टेयर हो गया है, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह रकबा 1.94 लाख हेक्टेयर था. इसके अलावा, उन्होंने कहा था कि किसानों और व्यापारियों के पास अभी भी लगभग 38 लाख टन प्याज का भंडारण है.
कीमत में नहीं आएगी तेजी?
दिल्ली के खुदरा बाजार में अभी प्याज की कीमत 60 रुपये किलो के करीब बनी हुई है. प्याज के निर्यात से बैन हटने के बाद इसकी खुदरा कीमत में किसी प्रकार की तेजी की उम्मीद नहीं की जा रही. इसका कारण यह है कि सरकार के पास 4.7 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक बना हुआ है. किसी भी तरह की कीमत में इजाफा होने पर सरकार इसको ओपन मार्केट में बेचकर कीमत को नीचे लाएगी. इसके अलावा आने वाली सीजन में प्याज की फसल की पैदावार बढ़ने की उम्मीद से भी कीमत नॉर्मल बने रहने की संभावना है. बताया जा रहा है कि करीब 38 लाख टन प्याज का भंडार किसानों और व्यापारियों के पास बना हुआ है.
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