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UP में संस्कृत के छात्रों के लिए शुरू हुई छात्रवृत्ति, 70 हजार छात्रों को मिलेगा लाभ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी दौरे पर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में संस्कृत छात्रवृत्ति योजना 2024 की शुरुआत की. इसका लाभ हजारों छात्रों को मिलेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
उत्तर प्रदेश (UP) में एक बार फिर से छात्रवृत्ति योजना को शुरू किया गया है. इस योजना का लाभ संस्कृत पढ़ने वाले हजारों छात्रों को मिलेगा. दरअसल, काशी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने संस्कृत छात्रवृत्ति योजना 2024 (Sanskrit Scholarship Scheme) की शुरुआत की है. इस दौरान उन्होंने राज्य के 69195 संस्कृत से अध्ययनरत छात्रों के बैंक खाते में छात्रवृत्ति की राशि स्थानांतरित की. उन्होंने एक साथ 586 लाख रुपये की धनराशि छात्रवृत्ति के रूप में छात्रों को ट्रांसफर की है. बता दें, राज्य सरकार ने इस स्कॉलरशिप को 23 साल बाद दोबारा शुरू किया है. तो चलिए जानते हैं इस योजना के तहत छात्रों को स्कॉलरशिप के रूप में कितनी राशि प्रदान की जाएगी और कौन छात्र इसके लिए योग्य होंगे?
छात्रों को हर महीने मिलेगी इतनी छात्रवृत्ति
इस योजना के तहत प्रथमा (कक्षा छह व सात) के छात्रों को प्रतिमाह 50 रुपये व आठ के विद्यार्थियों को 75 रुपये की छात्रवृत्ति मिलेगी. पूर्व मध्यमा (कक्षा नौ व दस) के विद्यार्थियों को प्रतिमाह 100 रुपये, उत्तर मध्यमा (कक्षा 11 व 12), शास्त्री (स्नातक) 200 रुपये व आचार्य (परास्नातक) के विद्यार्थियों को प्रतिमाह 250 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी. इसके लिए पात्रता न्यूनतम 50 प्रतिशत प्राप्तांक और 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है. यह छात्रवृत्ति दो किस्तों में दी जाएगी, जिसमें पहली किस्त दशहरा से पहले और दूसरी किस्त होली से पहले भुगतान किए जाने की व्यवस्था है.
संस्कृत विद्यालयों को पुनर्जीवित करने की योजना
सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्कॉलरशिप की शुरुआत करके आवासीय गुरुकुल शैली के संस्कृत विद्यालयों को पुनर्जीवित करने की योजना की भी घोषणा की. उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे विज्ञान और तकनीकी शिक्षा के लिए एक भाषा के रूप में संस्कृत को गंभीरता से लें उन्होंने कहा कि संस्कृत की वकालत करना मानवता की वकालत करने के समान है. संस्कृत केवल "देव-वाणी" नहीं है, बल्कि एक वैज्ञानिक भाषा भी है, जिसे कंप्यूटर विज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे आधुनिक क्षेत्रों में लागू किया जा सकता है.
गुरुकुल संस्थाओं को भी मिलेगी अतिरिक्त सहायता
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा कि संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए राज्य भर के गुरुकुल संस्थानों को अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी, जिसमें छात्रों के लिए मुफ्त आवास और भोजन की व्यवस्था करने वाले संस्थानों को विशेष सहायता दी जाएगी. इसके साथ ही सीएम ने कहा कि इन सभी संस्थानों को योग्य आचार्यों (संस्कृत टीचर्स) की भर्ती करने की भी स्वतंत्रता होगी.
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