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SBI ने अपने ग्राहकों को दिया जोर का झटका, महंगे किए लोन, अब चुकानी होगी ज्यादा EMI
SBI ने चुनिंदा अवधियों पर अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड-बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 10 बेसिस प्वाइंट तक की बढ़ोतरी की है. इससे लोन महंगे हो जाएंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है. बैंक ने चुनिंदा अवधियों पर अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड-बेस्ड कर्ज की दरों (MCLR) में 10 आधार अंक यानी 0.10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है. इससे लोन ऑटो व पर्सनल लोन समेत अन्य कर्ज महंगे हो जाएंगे. साथ ही लोगों को अब ईएमआई ज्यादा चुकानी पड़ेगी. नई दरें 15 जुलाई, 2024 यानी सोमवार से लागू हो गई हैं. SBI ने छह महीने, एक साल और दो साल की अवधि के लिए MCLR में 0.10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है.
अब ये होगी MCLR रेट
अब एसबीआई की बेस लैंडिग रेट MCLR अब 8.10 से 9 फीसदी तक है. ओवरनाइट MCLR रेट 8.20 फीसदी हो गई है. SBI ने MCLR में 0.05 फीसदी से लेकर 0.10 फीसदी तक रेट बढ़ाया है. MCLR का सीधा असर आपके होम और कार लोन की EMI पर होता है. MCLR की दरें बढ़ने से नया लोन महंगा हो जाता है. साथ ही आपके होम और कार लोन की EMI बढ़ जाती है.
बढ़ जाएगा EMI का बोझ
एसबीआई देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है. ग्राहकों की संख्या के लिहाज से एसबीआई अभी भी अन्य सभी बैंकों से काफी आगे है. एसबीआई के द्वारा एमसीएलआर में बढ़ोतरी करने से उसके विभिन्न लोन प्रोडक्ट महंगे हो सकते हैं. उसके चलते लाखों ग्राहकों के ऊपर ब्याज का बोझ बढ़ सकता है और उन्हें ज्यादा ईएमआई का भुगतान करना पड़ सकता है.
SBI ने की इन दरों में बढ़ोतरी:
• एक महीने के लोन टेन्योर पर एमसीएलआर को 5 बीपीएस बढ़ाकर 8.35 फीसदी किया गया.
• तीन महीने के लोन टेन्योर पर एमसीएलआर को 10 बीपीएस बढ़ाकर 8.4 फीसदी किया गया.
• छह महीने के लोन टेन्योर पर एमसीएलआर को 10 बीपीएस बढ़ाकर 8.75 फीसदी किया गया.
• एक साल के लोन टेन्योर पर एमसीएलआर को 10 बीपीएस बढ़ाकर 8.85 फीसदी किया गया.
• दो साल के लोन टेन्योर पर एमसीएलआर को 10 बीपीएस बढ़ाकर 8.95 फीसदी किया गया.
• तीन साल के लोन टेन्योर पर एमसीएलआर को 5 बीपीएस बढ़ाकर 9 फीसदी किया गया.
होम लोन वाले ग्राहकों को राहत
एमसीएलआर यानी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट्स वे दरें होती हैं, जिनसे कम पर बैंक ब्याज ऑफर नहीं करते हैं. यानी बैंकों के द्वारा दिए जाने वाले कर्ज उत्पाद की ब्याज दरें संबंधित टेन्योर की एमसीएलआर दरों से ज्यादा होती हैं. हालांकि राहत की बात है कि एमसीएलआर बढ़ने से एसबीआई के होम लोन ग्राहकों पर असर नहीं पड़ेगा. एसबीआई के होम लोन की ब्याज दरें एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट्स पर बेस्ड होती हैं. एसबीआई ने फिलहाल ईबीएलआर में कोई बदलाव नहीं किया है.
क्या होता है एमसीएलआर?
एमसीएलआर (MCLR) को मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट कहते हैं. यह वह न्यूनतम उधार दर है जिसके नीचे बैंक किसी को उधार नहीं दे सकते हैं. MCLR का सीधा असर आपके पर्सनल और ऑटो लोन की EMI पर होता है. MCLR बढ़ने से नया लोन महंगा हो जाता है. साथ ही आपकी मौजूदा लोन की ईएमआई भी बढ़ जाती है.
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