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अगर चाहिए आरामदायक रिटायरमेंट, तो ऐसे करें Retirement Planning!

अगर आप चाहते हैं कि आपका रिटायरमेंट आरामदायक हो और आपको फाइनेंशियल रिस्क का सामना न करना पड़े तो आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

सालों की मेहनत और काम के बाद हर व्यक्ति एक आरामदायक और खुशहाल रिटायरमेंट चाहता है और इसके लिए रिटायरमेंट प्लानिंग (Retirement Planning) बहुत जरूरी होती है. रिटायरमेंट प्लानिंग करते वक्त आपको अपनी कमाई, भविष्य और रिस्क उठाने की क्षमता का सही आंकलन करना बहुत जरूरी होता है. 

अगर आप भी चाहते हैं कि आपका रिटायरमेंट आरामदायक हो और आपको रिटायरमेंट के बाद किसी तरह के फाइनेंशियल रिस्क का सामना न करना पड़े तो आपको इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए: 

जल्द से जल्द कर दें शुरुआत
‘जब जागो तभी सवेरा’ जैसा मुहावरा आपके खुशहाल रिटायरमेंट के लिए सही नहीं है. आप अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग जितनी जल्दी शुरू करते हैं उतना ही लॉन्ग-टर्म में आपको फायदा होता है. जल्दी शुरुआत करने से आपको कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है जिसका सीधा मतलब ये है कि समय के साथ-साथ आपके पैसे में भी वृद्धि होती रहती है. इसकी वजह से जब आप रिटायर होने का फैसला करते हैं तो आपके पास काफी अच्छी-खासी संपत्ति उपलब्ध होती है. 

अपने रिटायरमेंट के लक्ष्यों को लेकर रहें क्लियर
इससे पहले कि आप बचत करने की शुरुआत करें, यह बहुत ही ज्यादा जरूरी है कि आप इस चीज को अच्छे से समझ लें कि रिटायरमेंट के बाद आपके लक्ष्य क्या हैं. आप कब रिटायर होना चाहते हैं, रिटायरमेंट के बाद आपको कैसी जिंदगी जीनी है और आपकी अन्य वित्तीय जरूरतें क्या होंगी? ऐसे सभी सवालों से आप अपने रिटायरमेंट के लिए बेहतर और उचित लक्ष्यों को चुन सकते हैं. अगर रिटायरमेंट को लेकर आपके लक्ष्य क्लियर होंगे तो आपको यह भी समझ आएगा कि आपको कितनी बचत करने की जरूरत है और उसके लिए आप कितना रिस्क उठा सकते हैं. 

तय करें अपने रिटायरमेंट के खर्चे
आपकी रिटायरमेंट प्लानिंग की दिशा में अगला कदम है अपने रिटायरमेंट के अनुमानित खर्चों के बारे में जानना. इनमें आपका रोज का खर्च, हेल्थकेयर पर होने वाला खर्च, ट्रैवल पर होने वाला खर्च और अन्य प्रकार के खर्च शामिल हैं. आप जब अपने खर्चों को जोड़ रहे हों तो इन्फ्लेशन के प्रभाव का ध्यान भी जरूर रखें. इससे आपको अपनी बचत के बारे में ज्यादा बेहतर तरीके समझ में आयेंगे. 

एक रिटायरमेंट प्लान बनायें
एक बार आप रिटायरमेंट के अपने खर्चे को समझ लें तो इस दिशा में आपका अगला कदम एक रिटायरमेंट प्लान तय करने के बारे में होना चाहिए. इस प्लान में यह साफ होना चाहिए कि आपको कितने पैसे बचाने हैं, आप अपने पैसे कैसे इन्वेस्ट करेंगे और आप रिटायर होने के बारे में कब सोच रहे हैं? इसके साथ ही इस रिटायरमेंट प्लान में बिमारी या नौकरी जाने जैसे खतरों के लिए अनिश्चित प्लान्स भी शामिल होने चाहिए. 

एक रिटायरमेंट सेविंग्स प्लान के बारे में विचार करें
भारत में पब्लिक प्रोविडेंट फंड(PPF), नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) और कर्मचारी प्रोविडेंट फंड (EPF) जैसे  बहुत से रिटायरमेंट सेविंग्स प्लान मौजूद हैं. ये प्लान आपको टैक्स की कटौती से भी बचाते हैं और साथ ही रिटायरमेंट के लिए आपको बचत करने में भी मदद करते हैं. लेकिन किसी भी प्लान को चुनने से पहले उसके फीचर्स और फायदों बारे में अच्छी तरह से जान लेना बहुत ज्यादा जरूरी होता है. 

अपने रिटायरमेंट प्लान की देखरेख करें
यह बहुत जरूरी है कि आप लगातार अपने रिटायरमेंट प्लान की देखरेख करते रहें और जरूरत के अनुसार एडजस्टमेंट भी करते रहें. इसमें अपने इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो की देखरेख, रिटायरमेंट के लक्ष्यों की तरफ आपकी उन्नति की जांच, और जरूरत होने पर अपने रिटायरमेंट प्लान में बदलाव करने जैसे स्टेप्स शामिल हैं. 

एक फाइनेंशियल प्लानर को कर लें हायर 
अगर आपको नहीं पता कि आपको अपनी रिटायरमेंट के बारे में किस तरह से प्लानिंग करनी चाहिए तो आपको एक फाइनेंशियल प्लानर की मदद ले लेनी चाहिए. एक फाइनेंशियल प्लानर आपको एक रिटायरमेंट प्लान बनाने में, सही इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट चुनने में और आपके पोर्टफोलियो की देखरेख करने में आपकी मदद कर सकता है. एक फाइनेंशियल एडवाइजर का चयन करते समय इस बात का ध्यान रखें कि आपके फाइनेंशियल एडवाइजर को रिटायरमेंट प्लानिंग का अनुभव हो और वह एक रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर हो.
 

यह भी पढ़ें: जल्द पूरा कर लें ये काम, वरना NPS अकाउंट हो जाएगा बंद!

 


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