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CGHS कार्डहोल्डर्स को मिली राहत! केंद्र सरकार ने इस अनिवार्यता पर लगाई रोक
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने आदेश जारी करते हुए CGHS कार्ड को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाते के साथ लिंक करने की अनिवार्य खत्म कर दी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
केंद्र सराकर के कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर आई है. दरअसल, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कि केंद्र सरकार स्वास्थ्य सेवा (CGHS) लाभार्थी आईडी को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (ABHA) आईडी से जोड़ने की अनिवार्यता को अगले आदेश तक रोक दिया है. जबकि इसकी आखिरी तारीख 30 जून 20234 थी. तो चलिए जानते हैं क्या है आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता और इसका लाभ?
खुश नहीं थे कर्मचारी
स्वास्थ्य मंत्रालय ने सीजीएचएस लाभार्थियों के लिए अपनी लाभार्थी आईडी और अब आईडी को लिंक करना अनिवार्य कर दिया था, यह आदेश 1 अप्रैल 2024 से लागू होने वाला था. इसे बाद में 30 जून 2024 तक बढ़ा दिया गया. 25 जून को एक ऑफिस मेमोरेंडम में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री ने कहा कि ऑफिस मेमोरेंडम संख्या Z15025/23/20230/DIR/CGHS दिनांक 28/03/2024 का संदर्भ आमंत्रित किया जाता है, जिसमें सीजीएचएस लाभार्थी आईडी का लिंकेज है. इसे आयुष्मान भारत स्वस्थ खाता आईडी के साथ अनिवार्य कर दिया गया है. वहीं, सीजीएचएस लाभार्थी अपनी आईडी को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाते (आभा) के साथ लिंक करने को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं थे, इसलिए आभा और सीजीएचएस कार्ड को लिंक करने की प्रक्रिया बहुत धीमी चल रही थी.
आईडी क्या है?
आभा नंबर डिजिटल रूप से कर्मचारियों का अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक पहुंचने, लिंक करने और शेयर करने के लिए 14 अंकों का एक यूनिक नंबर है. बैंक अकाउंट नंबर की तरह यह अपनी पहचान करने और जरूरत पड़ने पर आपको प्रमाणित करने के लिए एक यूनिक नंबर है.
इसका क्या लाभ है?
सरकारी अस्पताल हो या प्राइवेट अस्पताल, वो अपना हेल्थ रिकॉर्ड बनाए रखने के लिए मरीज को एक यूनिक आईडी देता है. इससे अक्सर मरीजों को कहीं और इलाज के मांग करते समय अपने मेडिकल हिस्ट्री की फिजिकल कॉपी लेकर जाने की जरूरत नहीं होगी, इस यूनिक आईडी से उसका पूरा रिकॉर्ड मिल जाएगा.
सीजीएस लाभार्थियों के लिए ऐसे फायदेमंद
सीजीएस लाभार्थी आईडी को आभा आईडी से लिंक करने से कर्मचारी अपने मोबाइल फोन पर अपनी हेल्थ हिस्ट्री तक पहुंच सकते हैं. मंत्रालय ने पहले कहा था कि सीजीएचएस लाभार्थी अपने मोबाइल डिवाइस पर डाउनलोड किए गए किसी भी पसंदीदा पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड पर इसे देख सकते हैं सीजीएचएस लाभार्थी वैलनेस सेंटर में डॉक्टर के कमरे में रजिस्ट्रेशन डेस्क के सामने मौजूद क्यू आर कोड को अपने मोबाइल डिवाइस के माध्यम से स्कैन करके डॉक्टर के साथ ओपीडी अपॉइंटमेंट भी ले सकता है.
डेढ़ लाख लाभार्थी ही आभा से जुड़े
28 मार्च से शुरू हुई इस मुहिम के तहत मई तक डेढ़ लाख लाभार्थियों ने ही आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (आभा) संख्या नंबर सृजित कर उसे सीजीएचएस के साथ जोड़ा. सरकार ने ‘एबीएचए’ बनाने की समय सीमा को 30 जून से तीन माह के लिए बढ़ाया है. फिर आईडी को आभा से जोड़ने के लिए 120 दिन की समय सीमा रखी गई.
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