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टमाटर के तेवर ठंडे पड़े, तो आंसू निकालने पर आमादा हुई प्याज; अभी और चढ़ सकते हैं दाम
फेस्टिवल सीजन में प्याज के चढ़ते दाम लोगों के खाने का स्वाद बिगाड़ सकते हैं. माना जा रहा है कि जमाखोरी के चलते ऐसा हो रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
कुछ वक्त पहले टमाटर ने खूब रंग दिखाया था. टमाटर इतना 'लाल' हो गया था कि आम आदमी को उसकी तरफ देखना ही बंद करना पड़ा था. जैसे-तैसे टमाटर की लाली फीकी पड़ी, तो अब प्याज (Onion) आंसू निकालने पर अमादा है. प्याज के दाम पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले हफ्ते खुदरा बाजारों में प्याज 30 से 40 रुपए प्रति किलो के भाव पर मिल रही थी, लेकिन अब इसके दाम बढ़कर 80 से 100 रुपए प्रति किलो पहुंच गए हैं. माना जा रहा है कि अभी प्याज की कीमत और बढ़ सकती है.
डिमांड के अनुरूप नहीं सप्लाई
बताया जा रहा है कि प्याज की कीमत में आए इस उछाल की वजह जमाखोरी है, जिसके चलते सप्लाई प्रभावित हुई है. डिमांड के अनुरूप सप्लाई नहीं हो पाने से दाम बढ़ रहे हैं. बाजार के उतार-चढ़ाव पर नजर रखने वालों का कहना है कि जमाखोर प्याज के आखिरी स्टॉक को जमा कर रहे हैं, इस वजह से कीमत बढ़ रही है. यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में प्याज के दाम 120 से 150 प्रति किलो तक भी पहुंच सकते हैं. थोक बाजार की बात करें, तो प्याज के दाम 45-50 प्रति किलोग्राम हो गए हैं.
सरकार ने शुरू किए प्रयास
वहीं, सरकार ने प्याज की चढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने और घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं. केंद्र ने प्याज निर्यात पर 800 डॉलर प्रति मीट्रिक टन का न्यूनतम निर्यात मूल्य (MEP) लगाया है. यह प्रतिबंध 29 अक्टूबर 2023 से 31 दिसंबर 2023 तक प्रभावी रहेगा. उधर, अनुमान है कि प्याज की नई फसल दिवाली के बाद या नवंबर के आखिरी तक बाजारों में आ जाएगी, इसके बाद दाम में कमी देखने को मिल सकती है. यानी कुछ समय तक तो आपको महंगी प्याज खरीदने के लिए तैयार रहना चाहिए.
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