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अब Credit Card यूजर्स अपनी मर्जी से चुन सकेंगे नेटवर्क, मिलेगा ये फायदा...

अब Credit Card यूजर्स को नेटवर्क चुनने का विकल्प भी दिया जाएगा. इससे पहले बैंक और गैर-बैंकिंग कार्ड जारीकर्ता क्रेडिट कार्ड के लिए एक ही कार्ड नेटवर्क के साथ साझेदारी करते थे.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

अगर आप क्रेडिट कार्ड (Credit Card) का इस्तेमाल करते हैं, तो ये खबर आपके काम की है. दरअसल, अब क्रेडिट कार्ड धारकों को अपना कार्ड नेटवर्क चुनने का विकल्प दिया जाएगा. अब से क्रेडिट कार्ड यूजर्स नए क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते समय या मौजूदा कार्ड को रिन्यू कराते समय उपलब्ध कार्ड नेटवर्क वीजा (Visa), मास्टरकार्ड (Mastercard), रुपे (Rupay) में से अपनी पसंद का कार्ड नेटवर्क चुन सकते हैं, यानी आप कार्ड रिन्यू करते समय वीजा से मास्टरकार्ड्स में ट्रांसफर भी करा सकते हैं. तो आइए जानते हैं क्रेडिट कार्ड यूजर्स को ये सुविधा कब से मिलनी शुरू होगी और इससे उन्हें क्या फायदा होगा?

6 सितंबर से लागू होगा नियम
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंक और गैर-बैंकिंग कार्ड जारीकर्ता के लिए ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल पर उनकी पसंद का नेटवर्क चुनने का विकल्प देने का आदेश जारी किया है. ये नियम शुक्रवार यानी 6 सितंबर से लागू कर दिया गया है. इस आदेश में RBI ने कार्ड जारीकर्ताओं और नेटवर्क के बीच विशेष व्यवस्था को प्रतिबंधित करने वाले नियम लागू किए. यह नया आदेश ग्राहकों को अपना मनचाहा कार्ड नेटवर्क चुनने की स्वतंत्रता देता है. आरबीआई ने अपने परिपत्र में इस बात पर जोर दिया कि कार्ड जारीकर्ताओं को पात्र ग्राहकों को नया कार्ड प्राप्त करते समय या उसके बाद किसी भी समय अपना पसंदीदा कार्ड नेटवर्क चुनने का विकल्प देना अनिवार्य है.

ग्राहकों को होगा ये फायदा
यह पहल आरबीआई द्वारा ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने और डिजिटल भुगतान परिदृश्य में कंपटीशन को बढ़ावा देने के लिए दिशा-निर्देश पेश किए जाने के बाद की गई है. इससे पहले बैंक और गैर-बैंकिंग कार्ड जारीकर्ता क्रेडिट कार्ड के लिए एक ही कार्ड नेटवर्क के साथ साझेदारी करते थे, जिससे ग्राहकों के पास अपने पसंदीदा कार्ड नेटवर्क को चुनने के विकल्प सीमित हो जाते थे.

इन्हें होगा फायदा
आरबीआई ने अपने ड्राफ्ट सर्कुलर में कहा है कि कार्ड जारीकर्ता अपने पात्र ग्राहकों को कई कार्ड नेटवर्क में से किसी एक को चुनने का विकल्प प्रदान करेंगे. ग्राहक इस विकल्प का इस्तेमाल जारी करने के समय या बाद में किसी भी समय कर सकते हैं. उपरोक्त शर्त 10 लाख या उससे कम एक्टिव कार्ड वाले क्रेडिट कार्ड जारीकर्ताओं पर लागू नहीं होती है. यानी 10 लाख रुपये से ज्यादा एक्टिल कार्ड वाले क्रेडिट कार्ड धारकों को ही ये सुविधा मिलेगी. यह सर्कुलर विशेष रूप से उन कार्ड जारीकर्ताओं को बाहर करता है जो अपने स्वयं के अधिकृत कार्ड नेटवर्क का उपयोग करके क्रेडिट कार्ड वितरित करते हैं.

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इसलिए लिया गया ये फैसला
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने क्रेडिट कार्ड बाजार में अधिक लोकतांत्रिक माहौल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिशा-निर्देश पेश किए हैं. इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य विभिन्न कार्ड नेटवर्क के बीच कंपटीशन को प्रोत्साहित करना है. पहले बैंक ग्राहकों को सौंपे गए कार्ड नेटवर्क को चुनने के लिए जिम्मेदार थे. हालांकि, इसमें बदलाव आया है, जिससे ग्राहकों को अब अपनी व्यक्तिगत जरूरतों और प्राथमिकताओं के आधार पर अपने मनपसंद नेटवर्क को चुनने की आजादी मिल गई है.

ये कंपनियां देती हैं क्रेडिट कार्ड नेटवर्क सर्विस
कार्ड नेटवर्क जिन्हें पेमेंट नेटवर्क के रूप में भी जाना जाता है, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और प्रीपेड कार्ड जैसे कार्ड-आधारित उत्पादों को जारी करने और उसे प्रोसेस करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ये नेटवर्क व्यापारियों, कार्डधारकों और कार्ड जारीकर्ताओं के बीच लेन-देन की सुविधा प्रदान करते हैं, जिससे सुचारू और सुरक्षित भुगतान सुनिश्चित होता है. भारत में 5 रजिस्टर्ड कार्ड नेटवर्क हैं जो पेमेंट इकोसिस्टम के भीतर काम करते हैं. इनमें अमेरिकन एक्सप्रेस बैंकिंग कॉर्प, डाइनर्स क्लब इंटरनेशनल लिमिटेड, मास्टरकार्ड एशिया/पैसिफिक पीटीई लिमिटेड, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया-रुपे और वीजा वर्ल्डवाइड पीटीई शामिल हैं. 


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