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गाड़ियों के मनपसंद नबंर के लिए करने होंगे और ज्यादा खर्च, सरकार करने वाली है ये काम
वित्त मंत्रालय से पूछा गया है कि फैंसी नंबर या स्पेशल नंबर को लग्जरी सामान की तरह देखा जा सकता है. साथ ही ये पुछा गया कि इसके लिए 28% GST लगाया जा सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
गाड़ियों में पसंदीदा नंबर लगवाने का शौक आने वाले दिनों में और महंगा हो सकता है. सरकार भारत में फैंसी नंबर प्लेट पर GST वसूल करने की तैयारी कर रही है. सरकार की योजना है कि फैंसी नंबर प्लेट पर जीएसटी की सबसे ऊंची दर यानी 28 फीसदी लागू हो. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गाड़ियों में पसंदीदा नंबर प्लेट लगवाने पर GST वसूल किए जाने के प्रस्ताव को अभी वित्त मंत्रालय के पास भेजा गया है. प्रस्ताव में वित्त मंत्रालय से पूछा गया है कि फैंसी नंबर या नंबर ऑफ चॉइस को क्या लग्जरी आइटम की तरह ट्रीट किया जा सकता है और उस पर 28 फीसदी की सबसे ऊंची दर से GST वसूल की जा सकती है?
लाखों में नीलाम होते हैं फैंसी नंबर
सूत्रों के अनुसार, फील्ड फॉर्मेशंस ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडाइरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC) को पत्र लिखकर स्पष्ट करने को कहा है कि क्या देश में ऐसे फैंसी नंबर पर जीएसटी की देनदारी बनती है. फील्ड फॉर्मेशंस का मानना है कि फैंसी नंबर प्लेट लग्जरी आइटम हैं और ऐसे में उनके ऊपर 28 फीसदी की दर से GST की देनदारी बनती है. गाड़ियों में नंबर प्लेट या रजिस्ट्रेशन प्लेट देने का काम राज्य सरकार के प्राधिकरणों का होता है. फैंसी नंबर देने के लिए राज्य सरकारें नीलामी करती हैं, जिसके लिए अलग से शुल्क का भुगतान करना पड़ता है. कई बार फैंसी नंबर की नीलामी लाखों रुपये में होती है और लोग अपनी गाड़ियों में फैंसी नंबर लगवाने के लिए लाखों रुपये खर्च भी करते हैं.
क्या होते हैं फील्ड फॉर्मेशंस?
फील्ड फॉर्मेशंस सभी राज्यों और जोन में स्थित केंद्र सरकार के दफ्तर होते हैं, जो टैक्स कलेक्शन के लिए जिम्मेदार होते हैं. टैक्स कलेक्शन के अलावा फील्ड फॉर्मेशंस के पास टैक्स से जुड़े नियमों को लागू कराने की भी जिम्मेदारी होती है और वही टैक्सपेयर्स के साथ संवाद भी करते हैं. अगर फील्ड फॉर्मेशंस की बात मानी गई तो जल्दी ही फैंसी नंबर के लिए लोगों का खर्च बढ़ने वाला है.
राज्य सरकार करती है नंबर की नीलामी
बता दें कि फैंसी नंबर प्लेट्स की बिक्री आमतौर पर राज्य सरकार के संबंधित विभागों द्वारा नीलामी के जरिए की जाती है. वहीं इस नीलामी में लोग अपने मनपसंद या विशेष नंबर को पाने के लिए भारी रकम चुकाने को तैयार रहते हैं. कुछ खास नंबर, जैसे ‘0001’, ‘9999’, या किसी विशेष तारीख से जुड़े नंबर की मांग इतनी ज्यादा होती है कि वे लाखों रुपये में बिकते हैं. कई बार तो लोग एक खास नंबर के लिए ऊंची बोली लगाकर उसे हासिल करते हैं.
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