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कितने प्रतिशत भारतीय कर रहे डिजिटल पेमेंट? इसे पढ़ PM मोदी भी हो जाएंगे गदगद
नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी के बाद जहां डिजिटल पेमेंट का चलन पहले बड़े शहरों तक सीमित था, वहीं अब यह दूरदराज के गांव और कस्बों तक फैल गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः ज्यादातर भारतीयों को कैश के बजाए मोबाइल वॉलेट या फिर यूपीआई से पेमेंट करना आसान लगता है, जबकि अब कैश पेमेंट का इस्तेमाल लोग काफी कम करने लगे हैं. नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी के बाद जहां डिजिटल पेमेंट का चलन पहले बड़े शहरों तक सीमित था, वहीं अब यह दूरदराज के गांव और कस्बों तक फैल गया है. एक रिपोर्ट के अनुसार 91 फीसदी भारतीय अब डिजिटल पेमेंट करने लगे हैं.
क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने का चलन घटा
क्रेडिट स्कोर रेटिंग एजेंसी Experian Global Insight द्वारा जारी इस रिपोर्ट के मुताबिक क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने का चलन काफी घट गया है. हालांकि लेनदेन की संख्या बढ़ने के बावजूद ज्यादातर लोग ऑनलाइन फ्रॉड की संख्या में बढ़ोतरी होने से भी काफी चिंतित नजर आए हैं. सर्वे में शामिल 45 फीसदी भारतीय कंज्यूमर्स ने धोखाधड़ी और आईडेंटिटी थेफ्ट के बारे में चिंता व्यक्त की है. इसके अलावा, 80 फीसदी कंज्यूमर्स उम्मीद करते हैं कि कारोबारी अपनी जानकारी को धोखेबाजों से बचाने के लिए आवश्यक सावधानी बरतें.
इन देशों में किया था सर्वे
सात साल के बाद एक्सपेरियन ने भारत, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य APAC मार्केट्स सहित 20 देशों में 6,000 कंज्यूमर्स और 2,000 दुकानदारों का सर्वे किया, जो उपभोक्ता और व्यावसायिक आर्थिक दृष्टिकोण, वित्तीय कल्याण, ऑनलाइन व्यवहार और अधिक से संबंधित जानकारी पर आधारित थे. यह रिपोर्ट पिछले सात वर्षों में कंज्यूमर्स की डिजिटल प्राथमिकताओं और बिजनेस करने के ढंग में आए महत्वपूर्ण बदलावों की खोज करने वाली श्रृंखला में नवीनतम अध्ययन है.
Buy Now Pay Later में ज्यादा रुचि
भारत में कंज्यूमर्स Buy Now Pay Later (बीएनपीएल) पर ज्यादा सामान खरीद रहे हैं. जहां विश्व भर में इसमें 18 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली, वहीं भारत में इसकी ग्रोथ 21 फीसदी थी. रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एक्सपेरियन इंडिया के कंट्री मैनेजर नीरज धवन कहते हैं, "भारत एक मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम बनाने की ओर बढ़ रहा है, जहां कंज्यूमर्स अपने फाइनेंस को प्रभावी ढंग से मैनेज करने के लिए डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं. कारोबार को बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को अपनाते हुए उपभोक्ताओं की लगातार बदलती मांगों को पूरा करने पर विचार करने की आवश्यकता है।
यह हैं इस रिपोर्ट की खास बातें
- - भारत में एआई-पावर्ड चैटबॉट और वर्चुअल असिस्टेंट के उपयोग में वृद्धि देखी जा रही है.
- - 34 फीसदी उपभोक्ता इंसानों से ज्यादा AI पर भरोसा करते हैं.
- - डिजिटल लेनदेन के लिए 68 फीसदी उपभोक्ता अपने पर्सनल डाटा जैसे संपर्क जानकारी, पता, फोन नंबर आदि को शेयर करने के इच्छुक हैं.
- - 58 फीसदी उपभोक्ताओं ने वित्तीय डाटा की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में हाइलाइट किया.
- - 60 फीसदी भारतीय उपभोक्ता फिशिंग ईमेल, मैसेज या फोन के द्वारा होने वाले फ्रॉड के बारे में चिंतित हैं. हालांकि 30 फीसदी उपभोक्ताओं ने कहा कि वे ऑनलाइन आईडेंटिटी थेफ्ट के शिकार हुए हैं.
- - 29 फीसदी भारतीय उपभोक्ता अपने क्रेडिट कार्ड/पेमेंट डिटेल्स चोरी होने का शिकार हुए हैं.
- - ऑनलाइन लेनदेन में सिक्योरिटी (92%) और कॉन्फिडेंशियल होना (92%) महत्वपूर्ण कारक बने हुए हैं.
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