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इंपोर्ट-एक्‍सपोर्ट में हुआ इजाफा, जानें कैसा रहा ये साल ?

सरकार की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार देश के मर्चेंडाइज सेक्‍टर में कमी देखने को मिल रही है जबकि व्‍यापार घाटा जनवरी में 17 बिलियन डॉलर रहा है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

दुनियाभर में पैदा हुई वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत सरकार ने इंपोर्ट एक्‍सपोर्ट के आंकड़े जारी कर दिए हैं. सरकार की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार देश के ओवरऑल एक्‍सपोर्ट और इंपोर्ट के आंकड़ों में बढ़ोत्‍तरी हुई है. जबकि मर्चेंडाइज एक्‍सपोर्ट के आंकड़ों की बात करें तो उसमें कमी देखने को मिल रही है. सरकार की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार ओवरऑल एक्‍सपोर्ट में पिछले साल के मुकाबले 9 फीसदी से ज्‍यादा का इजाफा हुआ है जबकि इंपोर्ट में भी एक फीसदी का इजाफा हुआ है.

क्‍या रहा अलग-अलग क्षेत्रों का परफॉरमेंस 
सरकार की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार मर्चेंडाइज सेक्‍टर में भारत का एक्‍सपोर्ट पिछली जनवरी में 35.23 बिलियन डॉलर था जबकि इस साल ये घटकर 32.91 बिलियन डॉलर रह गया है. जबकि इसके इंपोर्ट में भी कमी हुई है, ये 52.57 बिलियन डॉलर से इसी तरह सर्विस सेक्‍टर के डेटा की बात करें तो इस साल के जनवरी में 50.66 बिलियन डॉलर रह गया है. जबकि सर्विस सेक्‍टर का इंपोर्ट और एक्‍सपोर्ट पिछले साल के मुकाबले ज्‍यादा बढ़े हैं. पिछले साल इंपोर्ट 13.24  बिलियन डॉलर रहा था जबकि ये इस साल 15.76 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. अगर ओवरऑल एक्‍सपोर्ट-इंपोर्ट की बात करें तो एक्‍सपोर्ट 56.86 बिलियन डॉलर रहा था जबकि ये इस साल 65.15 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. इसी तरह कुल इंपोर्ट की बात करें तो पिछले साल 65.80 बिलियन डॉलर के मुकाबले  इस साल ये 66.22 बिलियन डॉलर रहा है. 

कितना रहा देश का व्‍यापार 
सरकार की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार देश का कुल व्‍यापार 546.55 बिलियन डॉलर रहा था जबकि ये इस साल 641.24 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. इसी तरह अगर इंपोर्ट की बात करें तो पिछले साल जनवरी में ये 612.75 बिलियन डॉलर रहा था जबकि इस साल ये 753.19 बिलियन डॉलर रहा है. इसी तरह अलग-अलग सेक्‍टरों में भी इजाफा देखने को मिल रहा है. इसमें मर्चेंडाइज और सर्विस सेक्‍टर भी शामिल हैं. वहीं अगर देश के व्‍यापार घाटे की बात करें तो जनवरी में व व्यापार घाटा 17.75 अरब डॉलर रहा था.


किन-किन सेक्‍टरों ने किया बेहतर 
सरकार की ओर से जारी किए आंकड़ों के अनुसार नॉन पेट्रोलियम एक्‍सपोर्ट इंपोर्ट दोनों में कमी दर्ज की गई है. जर्म्‍स एंड ज्‍वेलरी में भी कमी देखने को मिल रही है. पिछले साल के मुकाबले इस बार आंकड़ों मे कमी देखने को मिल रही है. कुल मिलाकर ओवरऑल आंकड़ों में भले ही इजाफा दिख रहा हो लेकिन कई मामलों में कमी देखने को मिल रही है.
 


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