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बासमती एक्‍सपोर्ट करने वाले कारोबारियों को राहत दे सकती है सरकार, कम हो सकते हैं ये दाम 

केन्‍द्र सरकार के इस कदम को उठाने का मकसद धोखाधड़ी को रोकने के साथ कम होते निर्यात को बेहतर बनाने के लिए दामों में कमी कर सकती है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

केन्‍द्र सरकार बासमती चावल चावल करने के लिए एक्‍सपोर्टरों को बड़ी राहत दे सकती है केन्‍द्र सरकार आने वाले दिनों बासमती चावल पर लगने वाले मिनिमम एक्‍सपोर्ट प्राइस को 1200 रुपये से 850 रुपये पर ला सकती है. दरअसल कई मसलों को लेकर बासमती चावल के कारोबारियों ने केन्‍द्रीय मंत्री पियूष गोयल के साथ मुलाकात की थी, जिससे ये जानकारी निकल कर सामने आई कि सरकार ऐसा विचार कर रही है. अब कब तक सरकार ये फैसला उठाती है ये देखना होगा. 

दाम ज्‍यादा होने से क्‍या हो रही है समस्‍या? 
बासमती चावल के मिनिमम एक्‍सपोर्ट प्राइस के 1200 रुपये होने के कारण दुनिया के कई देशों के चावल खरीददारों ने पाकिस्‍तान से चावल खरीदना शुरु कर दिया है. क्‍योंकि पाकिस्‍तान भारत से सस्‍ता चावल मुहैया करा रहा है ऐसे में वो लोग भारत से न खरीदकर पाकिस्‍तान से चावल खरीद रहे हैं. इससे भारत के कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस परेशानी को खत्‍म करते हुए सरकार जल्‍द ही बासमती पर MEP को कम करते हुए 850 रुपये पर ला सकती है. 

धोखाधड़ी पर भी लगेगी लगाम 
सरकार के पास ये जानकारी निकलकर सामने आई थी कि कुछ लोग बासमती की आड़ में कुछ लोग नान बासमती चावल भेज रहे थे. इसी धोखाधड़ी को रोकने के लिए बासमती चावल के दामों को 1200 डॉलर प्रति टन तय कर दिया था. इससे धोखाधड़ी में तो कमी आई ही लेकिन चावल की डिमांड में कमी आ गई. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब सरकार इस मामले में अब एक्‍सपोर्टरों को राहत देते हुए दामों को 1200 से 850 पर ला रही है.  

भारत ने चावल के निर्यात पर लगाया है बैन 
दरअसल देश में खाने पीने की चीजों के बढ़ते दामों को देखते हुए केन्‍द्र सरकार ने चावल के निर्यात पर पूरी तरह से बैन लगाया हुआ है. भारत ने इस बैन के बीच कुछ देशों से उसके पुराने संबंधों को देखते हुए उन्‍हें चावल देने की अनुमति दी है. इनमें सिंगापुर और सउदी अरब जैसे देश शामिल हैं. 


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