होम / यूटिलिटी / आलू की बढ़ती कीमतों से सरकार अलर्ट, बनाया प्लान, इस देश से मंगाने की तैयारी
आलू की बढ़ती कीमतों से सरकार अलर्ट, बनाया प्लान, इस देश से मंगाने की तैयारी
देश में आलू की कीमतों पर सप्लाई कम होने से हर साल के अंतिम दो महीनों में तेजी आती है, लेकिन इस बार उत्पादन प्रभावित होने से पहले से ही असर दिखने लगा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
दालें और हरी सब्जियों की महंगाई ने आम आदमी के किचन का बजट बिगाड़ दिया है. सबसे ज्यादा असर आलू, प्याज और टमाटर की कीमतों पर पड़ा है. सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए एक योजना बनाई है. इसके तहत, जल्द ही आपके किचन में भूटान का आलू देखने को मिल सकता है. आलू की बढ़ती कीमतों को काबू में लाने के लिए सरकार भूटान से आलू के आयात को बढ़ाने पर विचार कर रही है. इससे आलू की कीमतों में कमी आएगी और लोगों को सस्ता आलू मिलेगा.
महंगाई रोकने के लिए प्लान
ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार को लग रहा है कि देश में आलू के कम उत्पादन के कारण कीमतें तेज बनी रह सकती हैं. ऐसे में सरकार कीमतों में नरमी लाने के लिए विभिन्न उपायों पर गौर कर रही है. रिपोर्ट में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि सरकार पड़ोसी देश भूटान से आलू मंगाने की मंजूरी दे सकती है. अन्य देशों से भी आलू का आयात करने पर विचार किया जा सकता है.
आलू आयात पर मिल सकती है मंजूरी
सरकारी अधिकारी के अनुसार, सरकार व्यापारियों को फिलहाल छोटे-छोटे अमाउंट में आलू का आयात करने की मंजूरी दे सकती है. सरकार ने पिछले साल भूटान से आलू खरीदने की मंजूरी दी थी. इसके साथ ही अधिकारी ने कहा कि सरकार जल्द ही व्यापारियों को छोटी मात्रा में स्टेपल आयात करने की अनुमति देगी. आलू के प्रमुख उत्पादक राज्यों जिनमें पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश शामिल हैं यहां मौसम की मार के कारण ख़राब हुई मौसम संबंधी क्षति के कारण इस साल उत्पादन प्रभावित हुआ, जिससे कीमतों में बढ़ोतरी हुई.
इतना रह सकता है आलू का उत्पादन
भारत आलू का उत्पादन करने के मामले में दुनिया में दूसरे नंबर पर है. आलू के उत्पादन के मामले में भारत से आगे सिर्फ चीन है. पिछले साल भारत में 60.14 मिलियन टन आलू का उत्पादन हुआ था. इस साल आलू का उत्पादन कम रहने की आशंका है. कृषि मंत्रालय के पहले एडवांस एस्टिमेट के अनुसार, इस साल देश में आलू का उत्पादन लगभग 58.99 मिलियन टन रह सकता है. देशभर में फ़िलहाल आलू की कीमतें 50 रुपए के नीचे हैं. दिल्ली की आजादपुर मंडी में आलू की कीमतें 40 रुपए किलो पर हैं. वहीं, नोएडा में आलू की कीमतें 44 रुपए किलो के करीब हैं.
मौसम से प्रभावित हुई है आलू की फसल
दरअसल खराब मौसम के चलते पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में आलू की फसल प्रभावित हुई है. इसके चलते आलू के दाम भी प्याज और टमाटर की तरह बढ़ने लगे हैं. टमाटर, प्याज और आलू की महंगाई बढ़कर 48.4 फीसदी पर पहुंच चुकी है. ऐसी आशंका है कि आलू की कीमतें लगातार तेज हो सकती हैं और अक्टूबर से बाजार में उसकी कमी महसूस हो सकती है. आम तौर पर हर साल बाजार में नवंबर-दिसंबर में आलू की कमी देखी जाती रही है, लेकिन इस बार पहले से ही असर दिखने की आशंका है.
टैग्स