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किसानों के लिए खुशखबरी! आज से MSP पर ये फसल खरीदेगी सरकार

देश के करोड़ों किसानों को राहत देने के लिए सरकार 25 अक्टूबर 2024 से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की फसल की खरीद शुरू करने जा रही है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

केंद्र सरकार ने देश के करोड़ों को राहत देने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, सरकार शुक्रवार यानी 25 अक्टूबर 2024 से सोयाबीन की फसल की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद शुरू करने जा रही है. इसका असर गुरुवार को स्थानीय थोक तेल-तिलहन बाजार में भी देखने को मिला और बाजार में तेल और तिलहन की कीमतों में मजबूती दिखी. तो चलिए जानते हैं सरकार ने सोयाबीन का एमएसपी कितना रखा है और किसानों को इससे कितना लाभ होगा?

इतना रखा गया है सोयाबीन का समर्थन मूल्य

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार 25 अक्टूबर से लूज में सोयाबीन की नए एमएसपी 4,892 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीद शुरू करेगी. इस खबर के बीच तेल-तिलहन की कीमतें में भी मजबूती होती दिखीं. बाजार में सरसों और सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चे पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल और बिनौला तेल के दाम बढ़त के साथ बंद हुए. ऊंचे दाम पर कम कारोबार के साथ-साथ बाजार में आवक बढ़ गई. इस बीच मूंगफली तेल-तिलहन की कीमतें पहले के स्तर पर बंद हुईं. शिकॉगो और मलेशिया एक्सचेंज भी काफी मजबूत चल रहा है.

ड्यूटी फ्री इंपोर्ट हुआ शुरू

 जब देश में नेपाल के रास्ते खाद्य तेलों का ड्यूटी फ्री इंपोर्ट भी शुरू नहीं हुआ था, तब इससे लगभग 10 दिन पहले सोयाबीन तेल पांच रुपए किलो प्रीमियम दाम के साथ बिक रहा था. अब इसका दाम सात रुपये किलो के नुकसान के साथ बिकने लगा है. इस इंपोर्ट की मार हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों तक पहुंच रही है. दिसंबर-जनवरी-फरवरी में देश में सूरजमुखी की नई फसल की बिजाई शुरू होनी है. ये भी सस्ते ड्यूटी फ्री इंपोर्ट के चलते गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है. सूत्रों का कहना है कि सरकार को ऐसे आयातित तेल को बिहार, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में राशन दुकानों से बंटवाकर बाकी राज्यों पर होने वाले दुष्प्रभाव को रोकने के बारे में विचार करना होगा.

इतनी बढ़ गई  तेल-तिलहन की कीमत

सरसों तिलहन – 6,500-6,550 रुपये प्रति क्विंटल, मूंगफली – 6,350-6,625 रुपये प्रति क्विंटल, मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 15,100 रुपये प्रति क्विंटल, मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,270-2,570 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों तेल दादरी- 13,550 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों पक्की घानी- 2,165-2,265 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों कच्ची घानी- 2,165-2,290 रुपये प्रति क्विंटल, तिल तेल मिल डिलिवरी – 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल, सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,600 रुपये प्रति क्विंटल. सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,100 रुपये प्रति क्विंटल, सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,000 रुपए प्रति क्विंटल, सीपीओ एक्स-कांडला- 12,350 रुपये प्रति क्विंटल, बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,600 रुपये प्रति क्विंटल, पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,800 रुपये प्रति क्विंटल, पामोलिन एक्स- कांडला- 12,750 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल, सोयाबीन दाना – 4,750-4,800 रुपये प्रति क्विंटल, सोयाबीन लूज- 4,450-4,685 रुपये प्रति क्विंटल, मक्का खल (सरिस्का)- 4,200 रुपये प्रति क्विंटल है.

मध्य प्रदेश में पहली बार एमएसपा पर खरीदा जाएगा सोयाबीन

मध्य प्रदेश में पहली बार प्राइस सपोर्ट स्कीम (समर्थन मूल्य) पर सोयाबीन खरीदा जाएगा. इसके लिए प्रदेश सरकार ने सभी व्यवस्थाएं कर ली हैं. मोहन सरकार ने सोयाबीन खरीदी के लिए प्रदेश में 1400 उपार्जन केंद्र बनाए हैं. प्रदेश में केवल सात जिलों को छोड़कर बाकि से सभी जिलों में सोयाबीन की खरीदी शुरू हो रही है. बता दें, इस बार मध्य प्रदेश में चार लाख किसानों ने खरीदी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है. सोयाबीन के समर्थन मूल्य पर खरीदी की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2024 है. 


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