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किसानों को मिला दिवाली का तोहफा, 1 लाख करोड़ रुपये की दो योजनाओं को मिली मंजूरी
केंद्र सरकार ने पीएम राष्ट्र कृषि विकास योजना और कृषि उन्नति योजना को मंजूरी दे दी है. इसके लिए 1,01,321 करोड़ रुपये लागत आएगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
केंद्र सरकार ने देश के किसानों को दिवाली से पहले एक बड़ा तोहफा दे दिया है. दरअसल, मोदी सरकार की कैबिनेट ने किसानों के लिए पीएम राष्ट्र कृषि विकास योजना और कृषि उन्नति योजना को मंजूरी दे दी है. सरकार ने विश्वास जताया है कि इन दोनों ही योजनाओं के लागू होने से किसानों को आर्थिक मोर्चे पर बहुत ज्यादा फायदा पहुंचेगा. इस योजना पर 1,01,321 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए ये जानकारी भी दी है. तो आइए जानते हैं इन योजनाओं से किसानों को क्या लाभ होगा?
आय बढ़ने के साथ खाद्य सुरक्षा लाभ
पीएम राष्ट्र कृषि विकास योजना और कृषि उन्नति योजना से किसानों की आय बढाने के साथ उन्हें खाद्य सुरक्षा लाभ भी दिया जाएगा. इन दोनों योजनाओं के अंतर्गत नौ-नौ उप योजनाएं को शामिल किया गया है, जो सीधे तौर पर किसानों की आय और मध्यम वर्ग की थाली से जुड़ी हैं. इसके साथ सरकार ने National Mission on Edible Oils को भी मंजूर कर लिया है. बता दें, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) को 2007-08 से कृषि एवं सहकारिता विभाग (डीएसी), कृषि मंत्रालय, भारत सरकार के तहत शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य 11वीं 5 वर्षीय योजना अवधि के दौरान कृषि क्षेत्र में 4 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि हासिल करना था.
सरकार का रोजगार पर फोकस
चेन्नई मेट्रो के फेस-2 को भी सरकार ने हरी झंडी दे दी है, जिसकी लागत 63,246 करोड रुपये आएगी. इसके अलावा सरकार ने 5 और भाषाओं को क्लासिकल लैंग्वेज का दर्जा दिया है, जिसमें मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बंगाली भाषा है. इस कैटेगरी में पहले से तमिल, संस्कृत, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और ओडिया लैंग्वेज हैं. बता दें, इन भाषाओं के जरिए सरकार रोजगार पैदा करने पर भी फोकस करेगी. सरकार का मानना है कि शास्त्रीय भाषा के रूप में भाषाओं को शामिल करने से विशेष रूप से शैक्षणिक और शोध क्षेत्रों में महत्वपूर्ण रोजगार के अवसर पैदा होंगे. इसके अतिरिक्त, इन भाषाओं के प्राचीन ग्रंथों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण और डिजिटलीकरण से कलेक्शन, ट्रांसलेशन, पब्लिकेशन और डिजिटल मीडिया में रोजगार पैदा होंगे.
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