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सूरज के सितम से सहमी दिल्ली, पारा 50 पार; मानसून को लेकर आई बड़ी खबर
भीषण गर्मी के बीच एक राहत वाली खबर सामने आई है. मौसम विभाग का कहना है कि मानसून कल देश में प्रवेश कर सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
देश के अधिकांश हिस्से भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं. आलम यह है कि सूरज निकलने के साथ ही गर्मी का अहसास होने लगता है. उन शहरों में भी इस बार गर्मी कहर बरपा रही है, जहां अपेक्षाकृत तापमान कम रहता था. उधर, दिल्ली में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. पहली बार राजधानी में पारा 52 डिग्री के पार चला गया है. दिल्ली के मुंगेशपुर में आज अधिकतम तापमान 52.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. कई अन्य इलाकों में भी तापमान 50 डिग्री के आसपास चल रहा है.
समय से पहले देगा दस्तक
सूरज के सितम के बीच राहत की बात यह है कि मानसून कल यानी 30 मई को देश में प्रवेश कर सकता है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, अगले 24 घंटे के अंदर मानसून केरल में दस्तक दे सकता है. केरल में इस बार मानसून समय से पहले दस्तक दे रहा है. राज्य में मानसून के आगमन की सामान्य तारीख 1 जून है. विभाग का कहना है कि केरल में चल रही प्री-मानसून बारिश जल्द ही मानसूनी बारिश में बदल जाएगी.
दिल्ली वालों को करना होगा इंतजार
मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कोट्टायम और एर्नाकुलम जिलों में रेड अलर्ट और तीन अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. पिछले कई दिनों से केरल के कई इलाकों में बारिश हो रही है. गौरतलब है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून आमतौर पर 1 जून के आस-पास केरल में प्रवेश करता है और 15 जुलाई के आसपास देश के अधिकांश हिस्सों को कवर कर लेता है. राजधानी दिल्ली में मानूसन के जून के आखिरी में पहुंचने की उम्मीद है. तब तक दिल्लीवासियों को प्रचंड गर्मी बर्दाश्त करनी होगी.
सामान्य से बेहतर रहेगा मानसून
अप्रैल में भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जून से सितंबर तक मानसून के सामान्य से बेहतर रहने का अनुमान बताया था. 104 से 110% के बीच बारिश को सामान्य से बेहतर माना जाता है. मानसून का सामान्य से बेहतर रहने का मतलब है कि फसलों के लिए किसानों को पानी की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा. मौसम विभाग ने बताया था कि इस साल 106% यानी करीब 87 सेंटीमीटर बारिश हो सकती है. देश में आमतौर पर मानसून 1 जून के आसपास केरल के रास्ते प्रवेश करता है और सितंबर के अंत में राजस्थान के रास्ते वापस चला जाता है.
इन राज्यों में जमकर होगी बारिश
IMD ने 25 राज्यों में सामान्य से ज्यादा बारिश का अनुमान जताया है. इसमें केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, महाराष्ट्र , गुजरात, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, राजस्थान, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, सिक्किम, मेघालय, बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, पुड्डुचेरी, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, लक्षदीप, दमन-दीव, दादरा और नगर हवेली शामिल हैं. जबकि छत्तीसगढ़, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सामान्य बारिश का अनुमान है.
इसलिए महत्वपूर्ण है अच्छी बारिश
एक रिपोर्ट बताती है कि देश में सालभर होने वाली कुल बारिश का 70% पानी मानसून में ही बरसता है. हमारे देश में में 70 से 80 प्रतिशत किसान फसलों की सिंचाई के लिए बारिश पर निर्भर हैं. इसका सीधा मतलब है कि मानसून के अच्छा न रहने की स्थिति में पैदावार प्रभावित हो सकती है और महंगाई बढ़ सकती है. भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 20 प्रतिशत है. ऐसे में मानसून का अच्छा रहना अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद जरूरी है.
ऐसा है मानसून का गणित
अब यह भी समझ लेते हैं कि मानसून का सामान्य से कम या ज्यादा होने का क्या मतलब है. यदि बारिश के 90% से कम होने का अनुमान हो, तो इसका मतलब है कि देश में काफी कम बरसात होगी. 90-95% का अर्थ है कि मानसून सामान्य से कम रहेगा. 96 से 104% का मतलब है मानसून सामान्य रहेगा. जबकि 104-110% का मतलब है कि सामान्य से ज्यादा बारिश होगी. इसी तरह, 110% से ऊपर का अर्थ है कि देश में बहुत ज्यादा बारिश की संभावना है.
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