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आंध्र और बिहार को Modi की सौगात, 2 नए रेल प्रोजेक्ट ऐसे बदलेंगे तस्वीर
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और बिहार राज्य के आठ जिलों को कवर करने वाले भारतीय रेलवे ये दो नए प्रोजेक्ट मौजूदा नेटवर्क को लगभग 313 किलोमीटर तक बढ़ा देंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
मोदी सरकार की कैबिनेट ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश और बिहार को एक बड़ी सौगात दी है. दरअसल, सरकार 6,798 करोड़ रुपये की लागत वाले दो प्रमुख रेलवे प्रोजेक्ट को शुरू करने जा रही है. इन दो प्रोजेक्ट्स के तहत बिहार में 256 किलोमीटर लंबे नरकटियागंज-रक्सौल-सीतामढ़ी-दरभंगा और सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर खंड का दोहरीकरण और आंध्र प्रदेश में अमरावती के माध्यम से एर्रुपलेम और नंबुरु के बीच 57 किलोमीटर लंबी नई लाइन का निर्माण करना शामिल है.
दक्षिण भारत से कनेक्ट होंगे मध्य और उत्तर भारत के क्षेत्र
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कैबिनेट ने आंध्र प्रदेश में 57 किलोमीटर लंबी अमरावती रेलवे लाइन को मंजूरी दे दी है. इस रेल लाइन के निर्माण में 2245 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा. आंध्र प्रदेश में रेलवे का मल्टी मॉडल परिवहन बनाया जा रहा है, जिसके तहत कृष्णा नदी पर 3.2 किमी लंबा नया पुल बनाया जाएगा. यह लाइन मध्य और उत्तर भारत को दक्षिण भारत से बेहतर कनेक्टिविटी देगी. इस महत्वकांक्षी परियोजना से हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता जैसे सभी महानगर को अमरावती से जुड़ जाएंगे. यह अमरलिंगेश्वर स्वामी मंदिर, अमरावती स्तूप, ध्यान बुद्ध प्रतिमा और उंडावल्ली गुफाओं जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच प्रदान करेगा. मछलीपट्टनम बंदरगाह, कृष्णापट्टनम बंदरगाह और काकीनाडा बंदरगाह से कनेक्टिविटी देगी.
बिहार को होगा ये फायदा
बिहार में कैबिनेट ने 4,553 करोड़ रुपये की लागत से नरकटियागंज-रक्सौल-सीतामढ़ी-दरभंगा और सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर कॉरिडोर के दोहरीकरण को मंजूरी दी है. 256 किलोमीटर लंबी इस परियोजना से उत्तर प्रदेश और उत्तरी बिहार को लाभ होगा. रेलवे लाइन नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब और समानांतर चलती है. यह बिरगुन में इनलैंड कंटेनर डिपो को जोड़ती है, जो उत्तरी राज्यों और उत्तर-पूर्व अयोध्या से सीतामढ़ी के बीच चिकन नेक क्षेत्र के लिए वैकल्पिक कनेक्टिविटी प्रदान करती है.
इन प्रोजेक्ट्स से होगा ये फायदा
1. सरकार के अनुसार आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और बिहार इन तीनों राज्यों के आठ जिलों को कवर करने वाले ये दो प्रोजेक्ट भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क को लगभग 313 किलोमीटर तक बढ़ा देंगे.
2. इन दोनों प्रोजेक्ट्स से मिलने वाले फायदे के बारे में बताते हुए सरकार ने कहा कि नई लाइन प्रोजेक्ट 9 नए स्टेशनों के साथ लगभग 168 गांवों और लगभग 12 लाख आबादी को कनेक्टिविटी प्रदान करेगी.
3. इसके अलावा इस प्रोजेक्ट से 19 लाख दिन के लिए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है, जिससे 6 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड की बचत होगी, जो 25 लाख पेड़ लगाने के बराबर है.
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