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दिवाली से पहले किसानों की हुई बल्ले-बल्ले, मोदी सरकार ने कई फसलों की बढ़ाई MSP
मोदी कैबिनेट ने दिवाली से पहले रबी की 6 फसलों की MSP बढ़ाने का फैसला किया है. इनमें गेहूं, सरसों, चना, जौ, मसूर और कुसुम की फसलें शामिल हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
किसानों को मोदी सरकार ने दिवाली पर बड़ा गिफ्ट दिया है. सरकार ने रबी फसलों की MSP बढ़ा दी है. केंद्र सरकार ने 2025-26 सीजन के लिए रबी की 6 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की घोषणा की है. इस फैसले के तहत अलग-अलग फसलों के MSP में वृद्धि की गई है, जिससे किसानों को उनकी फसलों के बेहतर दाम मिल सकेंगे.
इन फसलों पर MSP में इजाफा
• गेहूं का MSP ₹2,425 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹2,275 था.
• जौ का MSP ₹1,980 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹1,850 था.
• चना का MSP ₹5,650 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹5,440 था.
• मसूर (लेंस) का MSP ₹6,700 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹6,425 था.
• सरसों का MSP ₹5,950 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹5,650 था.
• कुसुम (सफ्लॉवर) का MSP ₹5,940 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले ₹5,800 था.
किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध- अश्विनी वैष्णव
मोदी कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी देने के साथ ही केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर बैठे किसानों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि हम किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और हमने किसानों को लाभ पहुंचाने वाले कई फैसले लिए हैं. मुझे उम्मीद है कि हमारी सरकार ने किसानों के लिए जो किया है, उसे देखते हुए वे कोई फैसला लेंगे.
MSP का मतलब क्या?
यहां ये समझ लेना जरूरी है कि आखिर एमएसपी होता क्या है. तो बता दें कि MSP वह न्यूनतम समर्थन मूल्य होता है, जो सरकार किसानों को उनकी फसलों के लिए सुनिश्चित करती है. साफ शब्दों में समझें तो ये वो प्राइस होता है, जिस पर सरकार किसानों से उनकी फसल की खरीद करती है. इसका उद्देश्य फसल की कीमत में उतार-चढ़ाव से किसानों को नुकसान से बचाना होता है.
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