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सोने-चांदी की कीमतों में लगातार आ रही गिरावट, क्या खरीदारी का सही मौका आ गया है?
बजट के बाद से सोने-चांदी के दाम टूट रहे हैं. उससे पहले दोनों ने रॉकेट की रफ़्तार से दौड़ते हुए नया मुकाम हासिल किया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
सोने-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Price) में पिछले 3 दिनों से गिरावट देखने को मिल रही है. बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोना-चांदी पर कस्टम ड्यूटी घटाने का ऐलान किया था, तब से इनमें नरमी का रुख है. सोना-चांदी पर कस्टम ड्यूटी अब 15% से घटकर 6% कर दी गई है. इससे इन दोनों ही धातुओं के भाव गिर रहे हैं. 23 जुलाई को सोने में 3600 रुपए की गिरावट आई थी. 24 जुलाई यह 408 रुपए कमजोर होकर 69,194 रुपए पर आ गया है और आज 10 ग्राम सोने की कीमत घटकर 68,180 रुपए हो गई है. यानी 25 जुलाई को सोना करीब हजार रुपए सस्ता हुआ है. ऐसे में यह सवाल लाजमी हो जाता है कि क्या यह सोना खरीदने का सबसे अच्छा समय है?
चंद सत्रों में 6 हजार डाउन
बजट से पहले सर्राफा बाजार में सोने की कीमत ज्यादा थी. 18 जुलाई को यह 74065 रुपए प्रति 10 ग्राम के औसत रेट पर मिल रहा था. इस हिसाब से देखें तो पिछले कुछ सत्रों में ही इसकी कीमत करीब छह हजार नीचे आ गई है. इसी तरह, चांदी 18 जुलाई को 91614 रुपए प्रति किलो के भाव पर बिकी थी. आज इसके दाम 81,800 रुपए प्रति किलो हो गए हैं. बीते कुछ समय में गोल्ड और सिल्वर की कीमतें रॉकेट की तरह दौड़ी हैं. ऐसे में मौजूदा गिरावट से निवेशक इस सोच में पड़ गए हैं कि उन्हें क्या रणनीति अपनाई चाहिए. क्या उन्हें सोना खरीदना चाहिए या फिर कुछ और गिरावट का इंतजार करना चाहिए.
बड़ी गिरावट नहीं आएगी!
एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने-चांदी में निवेश का यह एकदम सही समय है. उनका कहना है कि कस्टम ड्यूटी घटने से अभी भले ही गिरावट दिखाई दे रही है, लेकिन इससे मांग में भी इजाफा होगा और ऐसे में दाम तेजी से बढ़ेंगे. हालांकि, उनका यह भी कहना है कि शॉर्ट टर्म के लिए इसमें थोड़ी और गिरावट अ सकती है, मगर किसी बड़ी गिरावट की संभावना बेहद कम है. इसलिए यदि आप गोल्ड या सिल्वर में निवेश के बेहतरीन मौके की तलाश कर रहे थे, तो वो अभी ही है. एक बार इनके दाम चढ़ना शुरू हुए, तो पहले की तरह पकड़ से बाहर निकल जाएंगे.
कौन तय करता है Gold Price?
दुनियाभर में लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) द्वारा सोने की कीमत तय की जाती है. वह यूएस डॉलर में सोने की कीमत प्रकाशित करता है। यह कीमत बैंकरों और बुलियन व्यापारियों के लिए एक वैश्विक बेंचमार्क के रूप में कार्य करती है. भारत में, इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आयात शुल्क और अन्य लागू टैक्स को जोड़कर यह तय करता है कि रिटेल विक्रेताओं को सोना किस दर पर दिया जाएगा.
Bharat यहां से करता है इम्पोर्ट
भारत के लिए स्विट्जरलैंड सोने के आयात का सबसे बड़ा स्रोत है. यहां से हमारे कुल गोल्ड आयात की हिस्सेदारी करीब 41 प्रतिशत है. इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात से भारत लगभग 13 फीसदी और दक्षिण अफ्रीका से करीब 10 प्रतिशत सोना आयात करता है. भारत, चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा Gold कंज्यूमर है. देश में सोने का आयात मुख्य रूप से ज्वैलरी इंडस्ट्री की मांग पूरी करने के लिए किया जाता है. देश के कुल आयात में सोने की हिस्सेदारी पांच प्रतिशत से ज्यादा की है.
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