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देशभर में शुरू होंगे 10 नए ESIC अस्पताल, जानिए किन-किन राज्यों को होगा फायदा?
निजी सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों को ESIC की सुविधा मिलती है. वहीं, सरकार ने अब इन्हें पूरे देश में आयुष्मान भारत के तहत इलाज की भी सुविधा देने का फैसला किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अगर आप भी कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के लाभार्थी हैं, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है. दरअसल, प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों को ईएसआईसी की सुविधा मिलती है. यह एक हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम है,जिसमें कम आय वाले कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को मेडिकल सुविधा दी जाती है. इस योजना के तहत ईएसआई डिस्पेंसरी या अस्पताल में उनके लिए मुफ्त इलाज की सुविधा है, लेकिन कर्मचारियों की संख्या के हिसाब से देश में ईएसआई के हॉस्पिटल नहीं हैं. ऐसे में सरकार ने अब देशभर में 10 नए ईएसआईसी अस्पतालों का निर्माण करने की घोषणा की है. तो चलिए जानते हैं ये अस्पताल किन राज्यों में बनेंगे?
यहां बनेंगे अस्पताल
श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने रोजगार के आंकड़ों पर विदेश मंत्रालय और नीति आयोग के अधिकारियों के साथ आयोजित एक बैठक में बताया है कि एंप्लॉयीज स्टेट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन के तहत 10 नए मेडिकल कॉलेज भी खोले जाएंगे. ये कॉलेज दिल्ली के बसई दारापुर, मुंबई में अंधेरी, यूपी में नोएडा और वाराणसी, रांची, गुवाहाटी, इंदौर, जयपुर, लुधियाना और गुजरात के नरोदा-बापूनगर में खोले जाएंगे. इससे लाखों ईएसआईसी लाभार्थियों को फायदा होगा.
आयुष्मान भारत का भी मिलेगा लाभ
ईएसआईसी लाभार्थियों को पूरे देश में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पैनल वाले अस्पतालों में इलाज की सुविधा देने का फैसला किया गया है. ईएसआईसी के इंश्योर्ड लोगों के आयुष्मान योजना के अस्पतालों में इलाज के लिए खर्च की कोई सीमा नहीं होगी. इसके अलावा अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना की अवधि बढ़ाकर 30 जून 2026 तक करने का फैसला भी किया गया. यह योजना जुलाई 2018 में दो साल के लिए पायलट बेसिस पर शुरू की गई थी. इसका उद्देश्य बीमित व्यक्ति के बेरोजगार होने की सूरत में उसे बेरोजगारी भत्ता के रूप में सपोर्ट देने के लिए शुरू की गई थी. बाद में इसकी अवधि बढ़ाकर 30 जून 2024 तक कर दिया गया था.
रोजगार बढ़ाने पर चर्चा
मनसुख मांडविया ने अधिकारियों के साथ रिक्रूटिंग एजेंसियों की निगरानी बढ़ाने पर भी चर्चा की. उन्होंने नेशनल करियर सर्विस, MY Bharat Platform, eMigrate, eShram पोर्टल और स्टेट पोर्टल्स के इंटीग्रेशन पर जोर दिया, जिससे एंप्लॉयमेंट के सप्लाई और डिमांड साइड की सटीक जानकारी मिल जाए.
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