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भारत में जल्द शुरू होगी Starlink की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा, जानिए कितना होगा मासिक शुल्क?
स्टारलिंक भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा की शुरुआत की दिशा में काफी आगे बढ़ चुका है. लाइसेंस मिलने के बाद अब यह देश के ग्रामीण इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने की तैयारी में है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी Starlink ने भारत में अपनी सेवाएं शुरू करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. कंपनी को 6 जून को भारत के दूरसंचार मंत्रालय से लाइसेंस मिल गया है, जिससे स्टारलिंक अब देश में सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवाएं देने वाली चुनिंदा कंपनियों में शामिल हो गई है. कंपनी अगले 12 महीनों में सेवा शुरू कर सकती है. स्टारलिंक की योजना है कि वह ₹3,000 मासिक शुल्क के साथ इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराएगी, जिसमें ₹33,000 का एक बार का हार्डवेयर शुल्क भी शामिल होगा.
इस मंजूरी के साथ स्टारलिंक अब भारती एयरटेल समर्थित OneWeb और रिलायंस जियो की सैटेलाइट इकाई की कतार में शामिल हो गई है. ये तीनों कंपनियां अब भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने की अनुमति प्राप्त कर चुकी हैं. यह कदम ऐसे समय में आया है जब सरकार देश के दूरदराज और कम कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड सेवाओं के विस्तार पर जोर दे रही है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्टारलिंक अपने लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट्स के ज़रिए अनलिमिटेड डेटा सेवा देगी, जिसकी अनुमानित बैंडविड्थ क्षमता 600 से 700 Gbps तक होगी. यह सेवा खासतौर पर उन ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों को लक्षित करेगी, जहां अभी तक पारंपरिक फाइबर या मोबाइल नेटवर्क की पहुंच नहीं है. ऐसे इलाकों में यह सेवा एक प्रीमियम विकल्प के रूप में पेश की जाएगी.
स्टारलिंक की सेवाएं पहले से ही जापान, मलेशिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस, भूटान और बांग्लादेश जैसे एशियाई देशों में उपलब्ध हैं. इन देशों में ‘रेजिडेंशियल लाइट’ प्लान ₹2,600 से ₹3,000 प्रति माह के बीच उपलब्ध होते हैं, जबकि ‘स्टैंडर्ड प्लान’ की कीमत इससे अधिक होती है. बांग्लादेश में पहले साल का कुल खर्च लगभग ₹66,000 बैठता है.
भारत जैसे मूल्य-संवेदनशील बाजार में जहां डेटा सेवाएं बेहद सस्ती हैं, वहां स्टारलिंक की कीमतें अपेक्षाकृत अधिक हैं. हालांकि यह कंपनी की एशियाई प्राइसिंग रणनीति के अनुरूप है. स्टारलिंक के पूर्व भारत प्रमुख संजय भार्गव ने पहले अनुमान जताया था कि भारत में सेवा का पहला साल ₹1.58 लाख तक महंगा पड़ सकता है, लेकिन बाद में यह अनुमान ₹1.15 लाख वार्षिक तक गिरा. अब संशोधित दरों के अनुसार, सेवा के लिए ₹3,000 प्रति माह और ₹33,000 एकमुश्त देने होंगे, जो बांग्लादेश जैसे पड़ोसी बाजार से मेल खाती है.
टेलीकॉम मंत्रालय से लाइसेंस मिलना एक बड़ा कदम है, लेकिन भारत में सेवा शुरू करने के लिए ट्राई (TRAI) से स्पेक्ट्रम आवंटन पर सिफारिशें और दूरसंचार विभाग (DoT) से अंतिम मंजूरी अभी लंबित हैं. ये मंजूरियां मिलने के बाद ही स्टारलिंक भारत में पूरी तरह अपनी सेवा लॉन्च कर सकेगी. हालांकि कीमतें प्रीमियम हैं, लेकिन सीमित कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों के लिए यह एक क्रांतिकारी विकल्प साबित हो सकता है. अब निगाहें बाकी नियामक मंजूरियों पर टिकी हैं, जिनके बाद भारत में इंटरनेट का एक नया युग शुरू हो सकता है.
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