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डिजिटल ट्रांजेक्शन में फ्रॉड रोकने के लिए RBI ने जारी किए दो ड्राफ्ट, जानिए क्या हैं ये प्रस्ताव?
RBI ने डिजिटल ट्रांजेक्शन को सुरक्षित बनाने के लिए दो अलग अलग ड्राफ्ट रेग्युलेशन जारी किए हैं. इन ड्राफ्ट पर सुझाव मिलने के बाद आरबीआई इन्हें नियम के तौर पर लागू करेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से देश में तेजी से बढ़ रहे बैंकिंग फ्रॉड को रोकने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं. इसी कड़ी में अब डिजिटल फ्रॉड (Digital Fraud) को रोकने के लिए आरबीआई ने दो ड्राफ्ट जारी किए हैं. इन ड्राफ्ट के तहत खास सीमा से ऊपर कार्ड या ऑनलाइन पेमेंट के जरिए ट्रांजेक्शन पर ऑशेंटिकेशन (Authentication) के लिए अतिरिक्त व्यवस्था का प्रस्ताव दिया गया है, जिससे डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए सुरक्षा की एक और लेयर दी जा सके. प्रस्ताव के अनुसार छोटे ट्रांजेक्शन इस अतिरिक्त व्यवस्था से बाहर रहेंगे. इन प्रस्तावों पर 31 अगस्त तक पब्लिक की राय मांगी गई है. तो आइए जानते हैं इन प्रस्तावों में क्या खास बात है?
आधार-इनेब्लड पेमेंट सिस्टम (AePS)
बैंक ने डिजिटल पेमेंट को सिक्योर बनाने के लिए रेगुलेशन ड्राफ्ट जारी किया. इस ड्राफ्ट के अनुसार वेंडर को आधार-इनेब्लड पेमेंट सिस्टम (AePS) की सुविधा मिलनी चाहिए. बैंक ने कहा कि यह प्रस्ताव डिजिटल पेमेंट प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने में मदद करेगी. इसको लेकर आरबीआई ने बैंकों के साथ नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) को भी निर्देश दिया है. आरबीआई ने कहा कि बैंक जिन वेंडर को आधार के जिरए डिजिटल पेमेंट की सुविधा दे रहे हैं, उनकी केवाईसी भी होनी चाहिए, अगर कोई वेंडर से 6 महीने से कोई पेमेंट नहीं करता है तो बैंक को फिर से उनका केवाईसी (Know Your Customer) करवाना होगा. वहीं, एनपीसीआई को कहा है कि वह इस बात का ध्यान रखें कि केवल एक बैंक में ही आधार-इनेब्लड पेमेंट सिस्टम लागू होना चाहिए.
प्रमाणीकरण के लिए अतिरिक्त व्यवस्था
आरबीआई ने डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन के लिए वैकल्पिक प्रमाणीकरण तंत्र (alternative authentication mechanisms) को लेकर भी ड्राफ्ट जारी किया है. इसके तहत कार्ड पेमेंट या ऑनलाईन पेमेंट की अथॉन्टिकेशन के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करने का प्रस्ताव है. ड्राफ्ट के अनुसार 5 हजार रुपये से ज्यादा के कार्ड ट्रांजैक्शन, इंश्योरेंस प्रीमियम के पेमेंट में 1 लाख रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन और क्रेडिट कार्ड के बकाया के पेमेंट में 1 लाख रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर अथॉन्टिकेशन की अतिरिक्त व्यवस्था का प्रस्ताव किया गया है. फिलहाल ट्रांजैक्शन को सुरक्षित बनाने के लिए पासवर्ड के साथ ओटीपी भेजा जाता है. हालांकि, अब एक सीमा से ऊपर ट्रांजेक्शन के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी. बैंक ने कहा कि यह डिजिटल पेमेंट सिस्टम को तकनीकी प्रगति देने में मदद करेगा.
बैंकों और एनपीसीआई को दिए ये निर्देश
आरबीआई ने लोगों को इस प्रस्ताव पर 31 अगस्त 2024 तक टिप्पणी करने का समय दिया है. लोगों से सुझाव मिलने के बाद इन ड्राफ्ट को नियम बनाकर लागू किया जाएगा. इसके अलावा बैंकों और एनपीसीआई को भी इन निर्देशों के पालन करने के लिए 3 महीने का समय दिया गया है.
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