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ChatGPT पर अब शॉपिंग और पेमेंट एक साथ, Agentic Payments से डिजिटल कॉमर्स में बड़ा बदलाव
Agentic Payments भारत के डिजिटल कॉमर्स में एक नई क्रांति की शुरुआत है, जहां AI और UPI मिलकर लेनदेन को न सिर्फ सहज, बल्कि अधिक पर्सनल और स्मार्ट बना रहे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 6 months ago
भारत में डिजिटल पेमेंट्स को और सहज, स्मार्ट और AI-सक्षम बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है. फिनटेक कंपनी Razorpay, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और OpenAI ने मिलकर ChatGPT पर ‘Agentic Payments’ नाम की एक नई सुविधा लॉन्च की है. इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को AI की मदद से चैट के भीतर ही खरीदारी और पेमेंट करने का एक नया अनुभव देना है. तो आइए आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं.
क्या है 'Agentic Payments'?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार Agentic Payments एक AI-पावर्ड पेमेंट सिस्टम है, जो यूजर्स को ChatGPT जैसे AI असिस्टेंट की मदद से बातचीत के जरिए सामान खरीदने और भुगतान करने की सुविधा देता है. खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में यूजर को चैट से बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी, शॉपिंग और पेमेंट दोनों एक ही इंटरफेस पर पूरे किए जा सकेंगे. इस सेवा का पायलट प्रोजेक्ट फिलहाल चल रहा है और यह Razorpay के बैंकिंग पार्टनर्स एक्सिस बैंक और एयरटेल पेमेंट्स बैंक के सहयोग से तैयार किया गया है.
कैसे करेगा काम?
मान लीजिए कोई यूजर ChatGPT से कहता है: “Help me order ingredients for a Thai-style vegetable curry for 4 people from BigBasket.” AI एजेंट BigBasket की प्रोडक्ट लिस्ट खंगालकर उपयुक्त विकल्प सुझाएगा. यूजर की पुष्टि के बाद Razorpay के UPI पेमेंट सिस्टम के जरिए ऑर्डर प्लेस हो जाएगा. यूजर्स को इसमें रियल-टाइम ट्रैकिंग, इंस्टेंट कैंसलेशन, और सुरक्षित पेमेंट गेटवे जैसी सुविधाएं मिलेंगी. यह पूरी प्रक्रिया UPI सर्कल और UPI रिजर्व पे जैसे नवीनतम फीचर्स पर आधारित है.
AI असिस्टेंट अब सिर्फ जानकारी नहीं, पूरे शॉपिंग एजेंट बनेंगे
Razorpay के को-फाउंडर और सीईओ हर्षिल माथुर ने कहा “Agentic Payments के साथ हम AI असिस्टेंट्स को जानकारी देने वाले टूल्स से आगे ले जाकर उन्हें एक पर्सनल शॉपिंग एजेंट में बदल रहे हैं. यह भारत का पहला UPI-इंटीग्रेटेड कन्वरसेशनल पेमेंट अनुभव है.” BigBasket (टाटा ग्रुप की कंपनी) इस नई व्यवस्था को अपनाने वाले शुरुआती मर्चेंट्स में शामिल है.
NPCI की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (ग्रोथ) सोहिनी राजोला ने इस पहल को भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए एक अहम मील का पत्थर बताया. उन्होंने कहा “AI और UPI के मिलन से हम भुगतान को अधिक स्मार्ट और समावेशी बना रहे हैं. यह एजेंटिक पेमेंट्स भविष्य की ओर एक बड़ा कदम है.”
OpenAI के मैनेजिंग डायरेक्टर (इंटरनेशनल स्ट्रैटेजी) ओलिवर जे ने कहा “हम NPCI और Razorpay के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं. हम मिलकर UPI जैसे भरोसेमंद पेमेंट नेटवर्क और एडवांस AI के जरिए एक नया ई-कॉमर्स अनुभव तैयार कर रहे हैं.”
AI के जरिए सुरक्षित और स्वचालित लेनदेन
इस नई पहल का लक्ष्य एक ऐसा भविष्य बनाना है जहां AI एजेंट्स यूजर्स की मंजूरी से सुरक्षित और स्वचालित तरीके से लेनदेन कर सकें. इससे न केवल पेमेंट प्रक्रिया आसान होगी बल्कि खरीदारी का अनुभव भी और अधिक पर्सनल और इंटेलिजेंट हो जाएगा. फिनटेक और AI के इस क्रॉसओवर को भारत में डिजिटल कॉमर्स की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. आने वाले समय में यह तकनीक उपभोक्ताओं की जीवनशैली और खरीदारी व्यवहार को पूरी तरह बदल सकती है.
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