होम / टेक / मेट्रो ने बदल दिया सिग्नल का Yellow कलर, जानिए अब कौन सा रंग दिखेगा?

मेट्रो ने बदल दिया सिग्नल का Yellow कलर, जानिए अब कौन सा रंग दिखेगा?

आगरा मेट्रो के सिग्नल भारतीय रेलवे से भिन्न होंगे. भारतीय रेलवे द्वारा ट्रेन यातायात प्रबंधन हेतु पारंपरिक सिग्नल प्रणाली का प्रयोग किया जाता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

आगरा: उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा आगरा मेट्रो के विश्वस्तरीय डिपो में सिग्लिंग का काम शुरू हो गया है. आगरा मेट्रो के सिग्लिंग एवं टेलिकम्यूनिकेशन विभाग द्वारा डिपो परिसर में शंट सिग्नल लगाने का काम किया जा रहा है. इन सिग्नल्स का प्रयोग डिपो परिसर में ट्रेन के संचालन हेतु किया जाता है. यूपी मेट्रो के प्रबंध निदेशक श्री सुशील कुमार ने बताया कि आगरा मेट्रो ट्रेनों के संचालन हेतु कम्यूनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (सीबीटीसी) प्रणाली का प्रयोग किया जाएगा.

सिग्नल के लिए सीबीटीसी टेक्नोलॉजी का होगा इस्तेमाल
कम्यूनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (सीबीटीसी) मेट्रो संचालन हेतु प्रयोग किया जाने वाला उन्नत सिग्लिंग सिस्टम है. कम्यूनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल सिस्टम मेट्रो कॉरिडोर में यातायात प्रबंधन एवं बुनियादी ढांचे के नियंत्रण के लिए ट्रेन और ट्रैक उपकरण के बीच दूरसंचार का उपयोग करती है. श्री सुशील कुमार ने बताया कि पारंपरिक सिग्लिंग सिस्टम की तुलना में सीबीटीसी प्रणाली के जरिए ट्रेन की सटीक स्थिति पता चलती है.

इस टेक्नोलॉजी की क्या है खासियत
बता दें कि सीबीटीसी प्रणाली में मेन लाइन पर चल रही ट्रेनों के बीच भी संचार होता है. मेन लाइन पर अप-डाउन लाइन पर चल रही प्रत्येक ट्रेन ट्रैक पर लगे उपकरण की मदद से ऑपरेशन कमांड सेंटर के संपर्क में रहती हैं. इसके साथ ही ट्रेन अपने आगे और पीछे चल रही ट्रेन को जानकारी देती है. इसी प्रक्रिया की मदद से मेन लाइन पर मेट्रो ट्रेनें एक दूसरे से उचित दूरी बनाकर रखती हैं.

रेलवे से अलग होंगे आगरा मेट्रो के सिग्नल
आगरा मेट्रो के सिग्नल भारतीय रेलवे से भिन्न होंगे. भारतीय रेलवे द्वारा ट्रेन यातायात प्रबंधन हेतु पारंपरिक सिग्नल प्रणाली का प्रयोग किया जाता है. इस प्रणाली में गाड़ी को चलने व मेन लाइन पर गति के साथ आगे बढ़ने के लिए हरा रंग, रुकने के लिए लाल व सावधानी के साथ धीरे चलने के पीले रंग का प्रयोग किया जाता है.

बदल दिया येलो लाइट का कलर
वहीं, यूपी मेट्रो द्वारा आगरा मेट्रो ट्रेन के चलने के लिए हरा, रुकने के लिए लाल व सावधानी के साथ आगे बढ़ने के लिए बैगनी (वॉयलेट)  रंग का प्रयोग किया जाएगा. लखनऊ एवं कानपुर मेट्रो में भी इन तीन रंग के सिग्नल का प्रयोग किया जाता है.

हर मेट्रो ट्रेन पर रहेगी नजर
पहले कॉरिडोर में ट्रेन के संचालन हेतु डिपो परिसर में आधुनिक ऑपरेशन कमांड सेंटर का निर्माण किया जा रहा है. आधुनिक तकनीक एवं मशीनों से लैस ऑपरेशन कमांड सेंटर (ओसीसी) में सर्विलांस व इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम के जरिए हर एक मेट्रो ट्रेन पर नजर रखी जा सकेगी. श्री सुशील कुमार ने बताया कि कम्यूनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (सीबीटीसी) प्रणाली के जरिए आगरा मेट्रो ट्रेनों का संचालन किया जाएगा.

CCTV से रखी जाएगी नजर
कंट्रोल रूम में लगे मॉनिटर पर लाइन डायग्राम की मदद से ताज ईस्ट गेट व सिकंदरा के बीच ट्रेनों की स्थिति को न सिर्फ देखा जा सकेगा बल्कि ट्रेनों को यहां से संचालित भी किया जाएगा. ओसीसी से मेट्रो स्टेशन व ट्रैक पर लगे सिग्नल्स का संचालन होगा. इसके साथ ही स्टेशन परिसर एवं ट्रेन में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे कॉरिडोर पर नजर रखी जा सकेगी.

29.4 किमी लंबे दो कॉरिडोर
गौरतलब है कि ताजनगरी में 29.4 किमी लंबे दो कॉरिडोर का मेट्रो नेटवर्क बनना है, जिसमें 27 स्टेशन होंगे. ताज ईस्ट गेट से सिकंदरा के बीच 14 किमी लंबे पहले कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. इस कॉरिडोर में 13 स्टेशनों का निर्माण होगा, जिसमें 6 एलीवेटिड जबकि 7 भूमिगत स्टेशन होंगे. इस कॉरिडोर के लिए पीएसी परिसर में डिपो का निर्माण किया जा रहा है.

16 कि.मी. लंबे दूसरे कॉरिडोर का निर्माण
इसके साथ ही आगरा कैंट से कालिंदी विहार के बीच लगभग 16 कि.मी. लंबे दूसरे कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 14 ऐलीवेटेड स्टेशन होंगे. इस कॉरिडोर के लिए कालिंदी विहार क्षेत्र में डिपो का निर्माण किया जाएगा.

VIDEO : 'ब्रह्मास्त्र' से लेकर 'विक्रम वेधा' तक, सितंबर में रिलीज हो रही हैं ये 11 शानदार फिल्में
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

Samsung ने लॉन्च किए Galaxy A57 और A37 5G, कैशबैक और EMI ऑफर्स के साथ बिक्री शुरू

ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कंपनी कई ऑफर्स दे रही है. ‘ट्रिपल जीरो स्कीम’ के तहत बिना डाउन पेमेंट, बिना ब्याज और आसान प्रक्रिया के साथ फोन खरीदा जा सकता है.

09-April-2026

Oppo F33 Series: 50MP सेल्फी, रियर कैमरा और IP69K सुरक्षा के साथ 15 अप्रैल को लॉन्च

Oppo F33 Series 5G मॉडल्स भारतीय मार्केट में स्मार्टफोन शौकीनों के लिए रोमांचक विकल्प साबित हो सकते हैं. फोन के डिजाइन, कैमरा और फीचर्स को देखते हुए यह F सीरीज के लिए एक नया मील का पत्थर साबित होगा.

09-April-2026

7200mAh बैटरी के साथ Vivo T5x 5G लॉन्च, दमदार फीचर्स और 2000 रुपये तक का डिस्काउंट

इस स्मार्टफोन को तीन वेरिएंट्स 6GB RAM + 128GB स्टोरेज, 8GB RAM + 128GB स्टोरेज और 8GB RAM + 256GB स्टोरेज के साथ लॉन्च किया गया है.

17-March-2026

अब एसी की सर्विस होगी आसान: सैमसंग ने पेश किया स्मार्टथिंग्स होम केयर

यह सेवा भारत में एआई-आधारित होम एप्लायंसेज के भविष्य की दिशा को और स्पष्ट करती है और ग्राहकों को स्मार्ट और प्रीमियम तकनीक के साथ जोड़ती है.

10-February-2026

3-नैनोमीटर चिप की दौड़ में भारत, 2032 तक हाई-एंड सेमीकंडक्टर बनाने की तैयारी में सरकार

सरकार की यह पहल भारत को सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है. अगर तय समयसीमा में लक्ष्य हासिल होता है, तो भारत हाई-एंड चिप टेक्नोलॉजी के मामले में दुनिया के अग्रणी देशों की कतार में खड़ा हो सकता है.

28-January-2026


बड़ी खबरें

सेंसेक्स 2 दिन में 1600 अंक टूटा, आज बाजार में राहत या फिर दबाव?

गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 852.49 अंक यानी 1.09% टूटकर 77,664 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी50 इंडेक्स भी 205.05 अंक यानी 0.84% गिरकर 24,173.05 पर आ गया.

4 hours ago

Infosys Q4FY26: मुनाफे में 21% की छलांग, निवेशकों के लिए ₹25 डिविडेंड का ऐलान

इंफोसिस का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही के ₹7,033 करोड़ की तुलना में बढ़कर ₹8,501 करोड़ हो गया.

35 minutes ago

डाबर इंडिया बिजनेस के नए सीईओ बने हरजीत एस भल्ला

भल्ला के पास 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है, जिसमें सेल्स, मार्केटिंग और जनरल मैनेजमेंट के विभिन्न क्षेत्र शामिल हैं.

1 hour ago

वैश्विक बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट: रिपोर्ट

मार्च में कच्चे तेल की कीमतों में 53.51% की तेज बढ़ोतरी हुई, जिसने वैश्विक महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी. साथ ही, अमेरिकी डॉलर रुपये के मुकाबले 4.26% मजबूत हुआ, जिससे भारत जैसे उभरते बाजारों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा.

1 hour ago

दिल्ली के प्रतिष्ठित ‘ललित होटल’ पर खतरा: 1,063 करोड़ की मांग बहाल, लाइसेंस रद्द करने का आदेश बरकरार

अदालत ने माना कि NDMC द्वारा उठाई गई 1,063 करोड़ रुपये से अधिक की लाइसेंस फीस की मांग वैध है. यह राशि लंबे समय से लंबित बकाया के रूप में मानी जा रही थी, जिसे पहले निचली अदालत ने खारिज कर दिया था.

3 hours ago