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Jio की एक और बड़ी तैयारी! लाने जा रहा नया AI प्लेटफॉर्म, Nokia, AMD और Cisco से मिलाया हाथ
यह मल्टी-डोमेन इंटेलिजेंस फ्रेमवर्क नेटवर्क ऑपरेशन्स और ऑटोमेशन को एकीकृत कर, एंड-टू-एंड नेटवर्क इंटेलिजेंस उपलब्ध कराएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
Jio Platforms ने Nokia, AMD और Cisco के साथ मिलकर एक नया Open AI Platform लॉन्च किया है, जो टेलीकॉम सेक्टर को बेहतर बनाने के लिए बनाया गया है. इसका उद्देश्य नेटवर्क की क्षमता, सुरक्षा और ऑपरेशन को स्मार्ट और कुशल बनाना है. इसके साथ ही, यह सेवा प्रदाताओं (टेलीकॉम कंपनियों) के लिए नई कमाई के मौके भी खोलेगा. इस प्रोजेक्ट की घोषणा सोमवार को बार्सिलोना में हुए Mobile World Congress में की गई.
क्या है Open Telecom AI Platform?
यह एक AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित प्लेटफॉर्म है, जिसे सबसे पहले Jio इस्तेमाल करेगा. यह टेलीकॉम कंपनियों के लिए एक मॉडल (ब्लूप्रिंट) बनेगा, जिससे वे अपने नेटवर्क ऑपरेशन को ऑटोमेशन और AI के जरिए बेहतर बना पाएंगी. इस सिस्टम में Radio Access Network (RAN), रूटिंग, डेटा सेंटर और सिक्योरिटी से जुड़ी नई तकनीकों का उपयोग किया गया है. इसका लक्ष्य नेटवर्क को स्मार्ट तरीके से मैनेज करना और उसकी परफॉर्मेंस को सुधारना है.
Jio के CEO का क्या कहना है?
Reliance Jio Group के CEO Mathew Oommen ने कहा कि यह नया प्लेटफॉर्म टेलीकॉम इंडस्ट्री के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल देगा. यह इंटेलिजेंस, सुरक्षा और दक्षता को नए स्तर पर ले जाएगा. इसमें बड़े और छोटे AI मॉडल (Large Language Models - LLMs और Small Language Models - SLMs) को सपोर्ट किया गया है, जिससे इसे कई अलग-अलग कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है.
AMD, Nokia और Cisco का योगदान
AMD की CEO Lisa Su ने कहा कि उनकी कंपनी के तेज और शक्तिशाली कंप्यूटर चिप्स (CPU और GPU) इस प्लेटफॉर्म को सुरक्षित, तेज और बड़ा बनाने में मदद करेंगे. Nokia के CEO Pekka Lundmark ने बताया कि उनकी कंपनी टेलीकॉम नेटवर्क, ब्रॉडबैंड और ऑप्टिकल ट्रांसपोर्ट जैसी टेक्नोलॉजी में पहले से मजबूत स्थिति में है, और उनका अनुभव इस प्लेटफॉर्म को और अधिक प्रभावी बनाएगा.
इससे फायदा क्या होगा?
यह नया AI प्लेटफॉर्म टेलीकॉम सेक्टर में नेटवर्क की गुणवत्ता, ग्राहकों के अनुभव और ऑपरेशनल दक्षता को बेहतर बनाएगा. इसके जरिए नेटवर्क को ऑटोमेटेड तरीके से मैनेज किया जाएगा, जिससे कंपनियों का समय और पैसा दोनों बचेंगे. इससे पूरी दुनिया में टेलीकॉम सेवाओं को स्मार्ट और एडवांस बनाने में मदद मिलेगी.
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