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AI के क्षेत्र में भारत का कमाल, स्टैनफोर्ड की ग्लोबल AI पावर लिस्ट में मिला चौथा स्थान
भारत AI स्टार्टअप्स को मिलने वाले फंडिंग में भी काफी आगे है और AI इनोवेशन में भी रुचि दिखा रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत को हाल ही में जारी हुए स्टैनफोर्ड के ग्लोबल विव्रेंसी टूल 2024 में चौथा स्थान मिला है. इस रिपोर्ट ने यह पुष्टि की है कि अमेरिका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में दुनिया का सबसे प्रमुख देश है, इसके बाद चीन और यूके हैं. अमेरिका लगातार AI रिसर्च की गुणवत्ता, मशीन लर्निंग मॉडल्स की संख्या, निजी पूंजी निवेश और AI से जुड़े रोजगार सृजन में अन्य देशों से आगे रहा है. 2023 में अमेरिका ने AI में 67.2 बिलियन डॉलर का निजी निवेश किया, जो चीन के 7.8 बिलियन डॉलर से काफी ज्यादा है.
अमेरिका ने 61 महत्वपूर्ण मशीन लर्निंग मॉडल विकसित किए, जबकि चीन के पास सिर्फ 15 थे. अमेरिका में सबसे ज्यादा AI से जुड़े मर्जर, अधिग्रहण और स्टार्टअप गतिविधियां हुईं. इसके अलावा, अमेरिका ने सबसे ज्यादा जिम्मेदार AI रिसर्च की, जो इसके नैतिक नवाचार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
चीन दूसरे स्थान पर है, लेकिन वह अमेरिका से काफी पीछे है. भले ही चीन AI से जुड़े पेटेंट में आगे है, लेकिन बाकी जरूरी मानकों में वह पीछे रह गया है. यह दिखाता है कि अमेरिका और चीन के बीच का अंतर बढ़ रहा है. इससे पता चलता है कि अमेरिका अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से आगे निकलकर AI विकास और इस्तेमाल में अपनी बढ़त मजबूत कर रहा है. यूके तीसरे स्थान पर है, और यह रिपोर्ट बताती है कि ग्लोबल AI रेस में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए लगातार निवेश और नवाचार करना बहुत जरूरी है.
इंडेक्स के अनुसार, भारत AI रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है. इसमें जर्नल और कॉन्फ्रेंस पब्लिकेशन, शोध पत्रों के रेफरेंस, गिटहब प्रोजेक्ट्स, AI स्किल्स की पैठ, हायरिंग और टैलेंट के मामले में भारत की स्थिति अच्छी है. भारत AI स्टार्टअप्स को मिलने वाले फंडिंग में भी काफी आगे है और AI इनोवेशन में भी रुचि दिखा रहा है. लेकिन भारत नीति, गवर्नेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में शीर्ष तीन देशों से पीछे है, जिससे इसकी कुल रैंकिंग कम हो जाती है. भारत की यह सफलता सरकार की पहल के बजाय जमीनी स्तर पर कौशल विकास और मेंटरशिप से संचालित मजबूत टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को दिखाती है.
यह टूल 36 देशों के AI इकोसिस्टम का मूल्यांकन 42 मानकों के आधार पर करता है, जैसे रिसर्च आउटपुट, निजी निवेश, पेटेंट, और इन्फ्रास्ट्रक्चर. आप ग्लोबल विव्रेंसी टूल यहां देख सकते हैं. भारत की AI में प्रगति को दुनियाभर में पहचान तब मिली, जब यह स्टैनफोर्ड इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन-सेंटर्ड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (HAI) की छठी AI इंडेक्स रिपोर्ट में जगह बनाने में सफल रहा, रिपोर्ट में कहा गया कि भारत अब AI इकोसिस्टम में एक अहम भूमिका निभा रहा है.
रिपोर्ट ने भारत की 2018 में नेशनल AI स्ट्रैटेजी जारी करने की पहल, AI से जुड़े पब्लिकेशन की बढ़ती संख्या, AI ऐप्लिकेशन, मशीन लर्निंग सिस्टम, बड़े भाषा मॉडल और मल्टीमॉडल मॉडल के विकास में योगदान, भारतीय डेवलपर्स के गिटहब AI प्रोजेक्ट्स, AI टैलेंट की हायरिंग, AI स्किल की बढ़ती पैठ (पुरुष और महिलाओं दोनों में), निजी AI निवेश और सरकारी AI पाठ्यक्रम को लागू करने की बढ़ती कोशिशों को सराहा है.
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