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Direct to Device टेक्नोलॉजी पर काम कर रही BSNL, बिना सिम कार्ड के होगा ये काम
BSNL इन दिनों एक नई टेक्नोलॉजी Direct to Device पर काम कर रही है. इस टेक्नोलॉजी की मदद से आप कुछ काम बिना सिम कार्ड के कर सकेंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत की सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) तेजी से एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ खुद को डेवलप कर रही है. इसी के तहत अब कंपनी ने Direct to Device टेक्नोलॉजी पर काम करनाशुरू कर दिया है. कंपनी इस नई सर्विस को टेस्ट कर रही है. इसमें यूजर्स को बिना सिम कार्ड के फोन कॉल और एसएमएस करने की सुविधा मिलेगा. बता दें, हाल में ही कंपनी ने अपना नया लोगो लॉन्च करने के साथ ही एक नया स्लोगन भी जारी किया था. इसी के साथ कंपनी ने कुछ नई सर्विस लाने की भी घोषणा की थी. तो आइए जानते हैं ये नई टेक्नोलॉजी कैसे काम करेगी और इससे यूजर्स को कितना फायदा होगा?
डायरेक्ट टू डिवाइस सर्विस ऐसे करेगी काम
बीएसएनएल के अनुसार डायरेक्ट टू डिवाइस कनेक्टिविटी सर्विस सिमलेस, भरोसेमंद कनेक्टिविटी देने के लिए सैटेलाइट और टेरेस्ट्रियल मोबाइल नेटवर्क को एक साथ लाती है. Viasat के साथ मिलकर इस सर्विस को डेवलप किया जा रहा है. कंपनी ने हाल ही में इंडियन मोबाइल कांग्रेस में मौजूद लोगों के बीच सैटेलाइट बेस्ड दो-तरफा मैसेजिंग सर्विस को शोकेस किया था.
बिना सिम के ऐसे होगा कम्युनिकेशन
ट्रायल में कंपनी ने एक कमर्शियल एंड्रॉयड स्मार्टफोन का इस्तेमाल किया था. इसमें नॉन-टेरेस्ट्रियल नेटवर्क (NTN) कनेक्टिविटी के साथ एक मैसेज को लगभग 36,000 किमी दूर Viasat के एक सैटेलाइट तक भेजा गया. आईफोन और फ्लैगशिप एंड्रॉयड फोन पर सैटेलाइट मैसेज की तरह D2D इमरजेंसी या प्राकृतिक आपदाओं के समय इस्तेमाल हो सकता है, क्योंकि यह जमीन, हवा और समुद्र पर काम करता है.
इन लोगों को होगा फायदा
D2D, मौजूदा सेलुलर नेटवर्क का इस्तेमाल और उन्हें नए सिरे से सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशंस के साथ इंटरैक्ट करके काम करता है, जो आकाश में विशाल सेल टावर के तौर पर काम करते हैं. यह उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है, जो ऐसे इलाकों में रहते हैं जहां कनेक्टिविटी कम है और यह ग्रामीण क्षेत्रों में कवरेज की खाई को पाट सकता है.
प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों को मिलेगी चुनौती
बता दें, प्राइवेट टेलीकॉम ऑपरेटर जैसे Airtel, Jio और Vodafone-Idea भी कथित तौर पर सैटेलाइट कनेक्टिविटी सर्विस पर काम कर रहे हैं. ऐसे में बीएसएनएल का भी इस सेगमेंट में आना इन कंपनियों के लिए चुनौती को बढ़ा सकता है.
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