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राष्ट्रीय मंदी के बावजूद Delhi-NCR रियल एस्टेट बाजार में स्थिरता: रिपोर्ट
बुनियादी ढांचे के विकास और किफायती आवास की बढ़ती मांग के कारण दिल्ली-एनसीआर आने वाले वर्षों में निवेशकों और खरीदारों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago
राष्ट्रीय आर्थिक मंदी के बावजूद, दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के रियल एस्टेट (Real Estate) बाजार में लगातार स्थिरता का संकेत मिल रहा है. प्रॉपटाइगर की हालिया रिपोर्ट "रियल इनसाइट रेजिडेंशियल: क्यू1 2025" में इसका खुलासा हुआ है. रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली-एनसीआर में आवासीय बाजार में कीमतें जनवरी से मार्च 2025 तक स्थिर बनी रही हैं. ये स्थिरता पिछले कुछ वर्षों की तेज मूल्य वृद्धि के बाद आई है, जो रियल एस्टेट सेक्टर के मजबूत होने का इशारा करती है. आइए इस रिपोर्ट पर एक नजर डालते हैं.
दिल्ली-एनसीआर रियल एस्टेट: स्थिरता और भविष्य की दिशा
दिल्ली-एनसीआर का रियल एस्टेट बाजार भारत के सबसे सक्रिय और प्रतिस्पर्धी बाजारों में से एक माना जाता है और अब यह स्थिरता की दिशा में बढ़ रहा है. प्रॉपटाइगर की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की पहली तिमाही में यहाँ की औसत आवासीय कीमत ₹8,106 प्रति वर्ग फुट रही, जो पिछली तिमाही के समान है. 2024 में 32% की वृद्धि के बाद कीमतों में यह स्थिरता एक सकारात्मक संकेत है, जो रियल खरीदारों को आकर्षित करने में मदद करेगी और सट्टा गतिविधियों को कम करेगी.
बीपीटीपी के नेशनल सेल्स हेड हरिंदर ढिल्लोन ने कहा, "मुंबई और दिल्ली जैसे प्रमुख बाजारों में स्थिर आवास कीमतें दर्शाती हैं कि बाजार मजबूत है. एनसीआर क्षेत्र में द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास हो रहे बुनियादी ढांचे के विकास और बढ़ती मांग के कारण यह क्षेत्र तेज़ी से विकास कर रहा है. आने वाले महीनों में यह क्षेत्र रियल एस्टेट विकास में अहम भूमिका निभाएगा".
बुनियादी ढांचे का विकास
दिल्ली-एनसीआर में निरंतर बुनियादी ढांचे का विस्तार इस क्षेत्र को मजबूत बना रहा है. मेट्रो नेटवर्क का विस्तार, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, आरआरटीएस और द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं ने कनेक्टिविटी को बेहतर किया है, जिससे उन क्षेत्रों में भी आवास की मांग बढ़ी है जो पहले कम ध्यान में रहते थे.
रॉयल ग्रीन रियल्टी के मैनेजिंग डायरेक्टर, यशांक वासन ने कहा, "कई वर्षों की तेज़ वृद्धि के बाद अब इस क्षेत्र में औसत आवासीय मूल्य ₹8,106 प्रति वर्ग फुट पर स्थिर हो गया है. यह स्थिरता एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाती है, जिससे बाजार अब एंड यूज़र-ड्रिवेन हो रहा है और दीर्घकालिक विकास के लिए अनुकूल हो रहा है".
मूल्य स्थिरता और निवेशक का विश्वास
दिल्ली-एनसीआर में स्थिरता को बढ़ावा देने वाली कुछ मुख्य बातें हैं जैसो-बुनियादी ढांचे का विकास, नए माइक्रो-मार्केट्स का उभरना, और रेडी-टू-मूव-इन तथा किफायती आवास की बढ़ती मांग, विशेष रूप से मेट्रो विस्तार, प्रमुख एक्सप्रेसवे, और जेवर हवाई अड्डा जैसी परियोजनाओं के आने वाले प्रभाव से इस क्षेत्र में भविष्य में और अधिक सुधार की संभावना है.
प्रॉपटाइगर के नेतृत्व के अनुसार, यह स्थिरता निवेशकों का विश्वास बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और असली घर खरीदारों के लिए सस्ती कीमतों को सुनिश्चित करेगी. इससे 2025 में स्थिर और टिकाऊ विकास के लिए मजबूत आधार तैयार हो रहा है.
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