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पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल का 90 वर्ष की आयु में निधन
26/11 आतंकी हमले के बाद इस्तीफा देने वाले पूर्व गृह मंत्री को ईमानदारी, नैतिक नेतृत्व और दशकों की सार्वजनिक सेवा के लिए याद किया जाएगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शिवराज पाटिल चाकुरकर का शुक्रवार सुबह लातूर स्थित उनके आवास पर लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. उनकी आयु 90 वर्ष थी, उनका अंतिम संस्कार शनिवार को किया जाएगा.
1935 में लातूर के चाकुर क्षेत्र में जन्मे पाटिल का राजनीतिक करियर पांच दशकों से अधिक का रहा. उन्होंने रक्षा, वाणिज्य, नागरिक विमानन, कार्मिक, पर्यटन और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे केंद्रीय मंत्रालयों में महत्वपूर्ण पद संभाले. पाटिल 1991 से 1996 तक लोकसभा के 10वें अध्यक्ष भी रहे, जहाँ उन्होंने संसदीय कार्यवाही के आधुनिकीकरण, संसद पुस्तकालय के निर्माण और House debates तक जनता की पहुँच बढ़ाने के लिए तकनीकी सुधारों की शुरुआत की.
पाटिल ने 1980 से 1999 तक लगातार सात बार लातूर का प्रतिनिधित्व करते हुए सांसद के रूप में सेवा की, और इससे पहले दो बार विधायक भी रहे. वे 2004 से 2008 तक केंद्रीय गृह मंत्री रहे और 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के दौरान सुरक्षा में चूक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया. बाद में उन्होंने 2010 से 2015 तक पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक के रूप में कार्य किया.
देशभर के राजनीतिक नेताओं ने पाटिल के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “ईमानदारी, गहरी जानकारी और दृढ़ नेतृत्व के लिए प्रसिद्ध पाटिल ने भारतीय राजनीति में सम्मानित स्थान बनाया. उनके निधन से देश के राजनीतिक और सामाजिक नेतृत्व में एक रिक्त स्थान उत्पन्न हुआ है.”
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने आम जनता के प्रति उनकी निष्ठा को उजागर किया, “उन्होंने हर पद पर काम करते हुए आम आदमी के लिए न्याय सुनिश्चित किया. पाटिल ने महाराष्ट्र और राष्ट्र की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.” पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने उन्हें मार्गदर्शक और पिता समान बताया, जबकि उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने उन्हें “सरलता और नैतिक आचरण का प्रतीक” कहा.
एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, “उनके निधन से एक ऐसे नेता का नुकसान हुआ है जिनके पास व्यापक संसदीय अनुभव था.”
पाटिल के पुत्र शैलेश पाटिल, बहू अर्चना पाटिल (भाजपा नेता) और दो पोतियों के परिवार में उन्हें याद किया जाएगा. वे मराठी, हिंदी और अंग्रेजी में निपुण, संवैधानिक मामलों में पारंगत और गरिमापूर्ण आचरण के लिए जाने जाते थे. उनका निधन एक ऐसे राजनेता के रूप में देश के लिए अपूरणीय क्षति है, जिनका करियर विद्वता, ईमानदारी और सार्वजनिक सेवा के प्रति अडिग समर्पण का परिचायक रहा. शिवराज पाटिल का जीवन भारतीय लोकतंत्र की उस पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है जिसने राजनीति को सेवा, शुचिता और जिम्मेदारी का माध्यम माना. पाँच दशकों से अधिक समय तक उन्होंने जिस गरिमा और संयम के साथ सार्वजनिक जीवन जिया, वह आज की राजनीति के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है. उनके योगदान, विचार और कार्यशैली आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे. उनका जाना न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति है.
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