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म्यूचुअल फंड पर मिल सकता है लोन, जानिए पूरी प्रक्रिया और फायदे
MF को गिरवी रखकर लोन लेना उन निवेशकों के लिए एक स्मार्ट विकल्प हो सकता है जिन्हें तत्काल नकदी की जरूरत हो और जो अपना निवेश बरकरार रखना चाहते हों.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
म्यूचुअल फंड (MF) में निवेश अब सिर्फ रिटर्न पाने का जरिया नहीं रह गया है, बल्कि जरूरत पड़ने पर ये निवेश आपको लोन दिलाने में भी मदद कर सकता है. बाजार में म्यूचुअल फंड्स की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है और इसके साथ ही इससे जुड़े फायदे भी निवेशकों के लिए अहम होते जा रहे हैं. एएमएफआई (AMFI) के अनुसार, जून 2025 में म्यूचुअल फंड में निवेश 23,587 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो मई की तुलना में करीब 24% की बढ़त है. ऐसे में अगर आपको अचानक पैसों की जरूरत हो और आप अपने फंड्स को रिडीम नहीं करना चाहते, तो आप इन्हें गिरवी रखकर लोन ले सकते हैं. जानिए इसकी पूरी प्रक्रिया क्या है?
कौन ले सकता है म्यूचुअल फंड पर लोन?
हर म्यूचुअल फंड स्कीम लोन के लिए योग्य नहीं होती. निवेशकों को पहले यह देखना चाहिए कि कौन से बैंक या एनबीएफसी (NBFC) इस सुविधा को देते हैं. आम तौर पर इक्विटी फंड, डेट फंड और लिक्विड फंड जैसी स्थिर स्कीमें इस लोन के लिए ज्यादा उपयुक्त मानी जाती हैं, क्योंकि इनमें जोखिम अपेक्षाकृत कम होता है.
कैसे करें लोन के लिए आवेदन?
लोन के लिए आवेदन प्रक्रिया काफी सरल है. आप यह प्रक्रिया बैंक की शाखा में जाकर या ऑनलाइन भी पूरी कर सकते हैं. आवेदन के समय आपको अपने म्यूचुअल फंड निवेश की पूरी जानकारी और यूनिट्स की डिटेल देनी होती है.
कैसे गिरवी रखी जाती हैं फंड यूनिट्स?
लोन लेने के लिए आपको अपनी म्यूचुअल फंड यूनिट्स को गिरवी रखना होता है. इसके लिए म्यूचुअल फंड कंपनी या डिपॉजिटरी (जैसे CDSL या NSDL) को एक मेलियन रिक्वेस्ट (Lien Request) भेजनी होती है. यूनिट्स के गिरवी हो जाने के बाद बैंक के पास उस पर नियंत्रण होता है.
कितनी राशि तक मिल सकता है लोन?
लोन की राशि बैंक फंड के मूल्य और जोखिम के आधार पर तय करता है.
-इक्विटी फंड पर आमतौर पर फंड वैल्यू का 50-70%
-डेट फंड पर 80% तक लोन मिल सकता है.
इस पूरी प्रक्रिया के बाद स्वीकृत राशि सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है.
इन बातों का रखें ध्यान
1. म्यूचुअल फंड पर मिलने वाला लोन पर्सनल लोन की तुलना में कम ब्याज दर पर उपलब्ध होता है.
2. ब्याज दर बैंक और फंड की प्रकृति पर निर्भर करती है.
3. यदि फंड का मूल्य गिरता है, तो बैंक अतिरिक्त सिक्योरिटी मांग सकता है या लोन की कुछ राशि लौटाने को कह सकता है.
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